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मऊ : खपरैल में संचालित मदरसे में नहीं मिले शिक्षक व छात्र

कागजों पर चल रहे मदरसों की शिकायत पर अल्पसंख्यक विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गुरुवार को जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने अपने वरिष्ठ सहायक के साथ लखनी मुबारकपुर स्थित मदरसा रफीकुल ओलूम का औचक निरीक्षण किया। मौके पर पाया कि खपरैल के मकान में मदरसा संचालित है। इसमें न कोई छात्र था और ना ही कोई शिक्षक उपस्थित पाया गया। मामले को गम्भीरता से लेते हुए प्रबंधक व प्रधानाचार्य को नोटिस जारी करते हुए नियुक्त आधुनिकीकरण अध्यापकों के मानदेय को तत्काल प्रभाव से रोक दिया। तीन दिन के अंदर मामले में जवाब तलब किया है।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विजय प्रताप यादव व वरिष्ठ सहायक मनोज कुमार के साथ लखनी मुबारकपुर स्थित मदरसा रफीकुल ओलूम पहुंचे। मदरसा खपरैल के एक मकान में संचालित था। यहां पर कोई भी छात्र अध्ययन करते हुए नहीं मिला। ना ही मौके पर कोई शिक्षक था। मदरसे के प्रबंधक हाशिम मिले, जिन्होंने बताया कि मदरसा मान्य बगल की एक बिल्डिंग को दिखाकर दी गयी थी। जिस पर बाद में विवाद हो गया। मामले को गम्भीरता से लेते हुए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने निर्देशित किया कि मदरसे में नियुक्त आधुनिकीकरण अध्यापकों का मानदेय तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाये। साथ ही तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण भी दिया जाय। कहा कि मदरसे में पठन पाठन न होने के कारण आधुनिकीकरण अध्यापकों द्वारा लिये गये मानदेय भुगतान की भी रिकवरी करायी जाय। साथ ही मदरसे में पठन पाठन न होने के कारण मान्यता भी रद्द कर दी जाय। पूरे मामले में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने तीन दिन के भीतर मदरसे से स्पष्टीकरण मांगा है। मामले में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग व मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर अवगत कराया है।

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  • Web Title:Mau : There were teachers and students in the seminary operates in tile
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