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ट्रेनों में काकरोच फर्श पर यात्री, रेलमंत्री से शिकायत

आधा दर्जन से अधिक यात्रियों ने की ट्रेन में काकरोच होने की शिकायत

काशी विश्वनाथ, कुशीनगर एक्सप्रेस, गोरखपुर एलटीटी में काकरोच

लखनऊ। केस-1

विनोद पाटलीपुत्र-चंडीगढ़ एक्सप्रेस के एसी सेकेंड कोच से लखनऊ आ रहे थे। अचानक उनकी बर्थ पर काकरोचों ने धावा बोल दिया। विनोद बर्थ से नीचे उतर आए। उन्होंने कोच अटेंडेंट से शिकायत की कि जब तक काकरोच नहीं हटेंगे, मै बर्थ पर नहीं जाऊंगा।

केस-2

कुशीनगर एक्सप्रेस से एलटीटी जा रही मोनिका ने डीआरएम से शिकायत की थी कि उनके कोच में यात्रियों से अधिक काकरोच घूम रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बाद उनकी समस्या का हल नहीं निकला।

केस-3

काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस से सफर करने वाले विनोद यादव की शिकायत थी कि ट्रेन में हद से ज्यादा काकरोच हैं। इससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। उनका कहना था कि अप व डाउन दोनों ही ट्रेनों में काफी काकरोच है।

रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को चूहों से निजात मिल नहीं पाई थी कि अब काकरोचों ने उन पर धावा बोल दिया है। इसमें वीवीआईपी ट्रेनों में काफी काकरोच पाए जा रहे हैं। जो रात में बर्थ पर आ जाते हैं। इससे मारे डर के यात्री बर्थ पर लेटने से घबरा रहे हैं। गोरखपुर एलटीटी से सफर करने वाले विवेक ने बताया कि पूरे कोच में काकरोच भरे हुए हैं। स्टेशन से लेकर डीआरएम तक से शिकायत कि लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी।

खाने के सामान में घुस जाते है काकरोच

काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस से दिल्ली से लखनऊ आए अजय जयसवाल ने बताया कि इस ट्रेन में सबसे अधिक काकरोच है। जो अक्सर यात्रियों के खाने पीने के सामान में घुस जाते हैं। इससे यात्रियों को अपना सामान फेंकना पड़ता है। रेलवे को चाहिए कि पेस्ट कंट्रोल के जरिए काकरोचों को खत्म किया जाए। इससे महिला यात्रियों को सफर करने में काफी परेशानी हो रही हैं।

रोज होती है ट्रेन की सफाई

रेलवे नियमों के मुताबिक एक फेरा लगाने के बाद ट्रेन की मरम्मत व सफाई कार्य किया जाता है। मगर इसके बाद भी काकरोचों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। लखनऊ निवासी गौरव सिंह ने बताया कि ट्रेनों की साफ सफाई ठीक से नहीं की जा रही है। इसकी वजह से काकरोचों की संख्या ट्रेन से कम नहीं हो रही हैं।

पेस्ट कंट्रोल का टेंडर फिर भी कॉकरोच

पूर्वोत्तर रेलवे ने काकरोच मारने के लिए कई एजेंसियों को टेंडर दे रखा है। मगर उसके बाद भी ट्रेनों में काकरोच कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। यहां तक की रेलवे खुद काकरोच मारने का छिड़काव करता है। मगर दवा का असर काकरोचों पर नहीं हो रहा है। कई ट्रेनों में ऑनबोर्ड सफाई व्यवस्था की सुविधा है लेकिन सबसे अधिक शिकायतें ट्रेनों में गंदगी की ही आ रही हैं। पूर्वोत्तर रेलवे के प्रवक्ता आलोक श्रीवास्तव का कहना है कि ट्रेनों में साफ-सफाई व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। यात्रियों से मांग की है कि वह खाने-पीने का सामान ट्रेन में न फेंके।

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