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स्मारक के कर्मचारी संवारेंगे शहर के पार्क

---दो स्मारकों व तीन पार्कों की देखरेख के लिए भर्ती हुए 5500 कर्मचारियों को अब शहर के अन्य पार्कों में लगाने की तैयारी

लखनऊ। प्रमुख संवाददाता

शहर के नए स्मारकों व पार्कों की देखरेख के लिए भर्ती हुए करीब 5500 कर्मचारियों में से अब कुछ को शहर के दूसरे पार्कों को लगाया जाएगा। स्मारकों के सभी प्रबंधकों को भी पार्कों की जिम्मेदारी दी जाएगी। इन पार्कों में माली से लेकर सफाई कर्मचारी तक सभी तैनात किए जाएंगे। अभी इन कर्मचारियों के पास कोई काम नहीं है। वह दिन भर बैठे रहते हैं। जबकि तमाम ड्यूटी पर ही नहीं आते हैं।

कर्मचारियों की कमी की वजह से शहर के तमाम पार्क उजाड़ पड़े हैं। कर्मचारियों की कमी की वजह से इन पार्कों की दशा दयनीय है। जबकि दूसरी तरफ मायावती के बनवाए पार्कों व स्मारकों में कर्मचारी भरे हैं। इन कर्मचारियों के पास कोई काम ही नहीं है। मायावती ने अपने स्मारकों व पार्कों की देखरेख के लिए 6000 कर्मचारियों की भर्ती की थी। अब यह दिन भर बैठे रहते हैं। खाली होने की वजह से इन कर्मचारियों की आपस में आए दिन लड़ाई होती रहती है। लोग रोजाना एक दूसरे की शिकायत लेकर एलडीए आते हैं।

अब एलडीए प्रशासन इन कर्मचारियों को अपने उपेक्षित पड़े पार्कों में तैनात करने की तैयारी में है। हर जोन के दो से तीन बड़े पार्कों में इन कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। कर्मचारियों को इन पार्को को संवारना होगा। कर्मचारियों के साथ स्मारक के प्रबंधकों को भी इन पार्कों में लगाया जाएगा। ताकि इनकी व्यवस्था सुधर सके। एलडीए सचिव जयशंकर दुबे ने कहा कि जल्दी ही कर्मचारियों की पार्कों में तैनाती कर दी जाएगी। सचिव ने बताया कि आए दिन यहां के कर्मचारियों के विवाद सामने आते हैं।

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