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शनिदेव की क्रूर दृष्टि से बचने का दिन है शनि जयंती

-इस दिन जप, तप, दान से होगी ढइया व साढ़े साती की शांति-25 मई को एक ही दिन पड़ रहे वट सावित्री व्रत और शनि जयंती-पति की लम्बी आयू की कामना के साथ शनिदेव को करेंगे खुशीलखनऊ। वरिष्ठ संवाददातावट सावित्री व्रत और शनि जयंती 25 मई को एक ही दिन पड़ने से एक व्रत से दो-दो लाभ लोगों को प्राप्त होंगे। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक ऐसा योग कभी-कभी आता है। एक ओर जहां इस दिन महिलायें अपने पति की लम्बी आयु की कामना करेंगी। वहीं असाध्य रोग, ढइया, शनि की साढ़े साती से पीड़ित, शनि की महादशा व अंतरदशा से गुजर रहे लोगों को शनि देव का व्रत, पूजन, दान, जप आदि से ग्रह शांति के लिये शनि जयंती का दिन उत्तम फल देने वाला होगा। ज्योतिषाचार्य प्रशांत तिवारी और ज्योतिर्विद संजय कुमार पाण्डेय बताते हैं कि वट सावित्री का व्रत ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को किया जाता है। इस व्रत की महिमा से ही सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस दिलवाये थे। इस व्रत में बांस की टोकरी में सात अनाज भरकर ब्रहमा जी की मूर्ति स्थापित करनी चाहिये। इस टोकरी को वट वृक्ष के नीचे रख देना चाहिये। इसके पश्चात वट वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करना चाहिये। साथ ही पूजन के समय जल, मौली, रोली, धूप, सूत व चने का प्रयोग करना चाहिये। सूत के धागे को वट वृक्ष पर लपेट पर परिक्रमा करनी चाहिये। सावित्री और सत्यवान की कथा को सुनना चाहिये। इसके साथ ही शनि देव को न्याय का देवता कहा गया है। भगवान शिव ने इनको दण्डाअधिकारी नियुक्त किया है। कर्मानुसार दण्ड देने का अधिकार शनिदेव के पास निहित है। इसीलिये शनिदेव की दृष्टि का नाम सुनकर भय का आभास होता है लेकिन शनि एक न्यायप्रिय ग्रह हैं। वह अपनी दृष्टि से दुष्टों को दण्ड देते हैं व सतकर्म करने वालों को अच्छे फल भी प्रदान करते हैं। शनि जयंती के दिन सूर्य देव के पुत्र शनि का जन्म हुआ था। इस दिन काला कपड़ा, काली उड़द की दाल, लोहे की वस्तु, तेल, कंबल, छाता आदि दान करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और व्रत रहकर पूजन, जप,तप करने से शनि के कोप से बचा जा सकता है।-----------------------------------------------शनि की इनपर रहती क्रूर दृष्टिजिस व्यक्ति के बुरे कर्म हों, चोरी, लूट, अनैतिक कार्यों से धन अर्जित करते हों, स्त्रियों का सम्मान न करते हों, माता-पिता को दुखी करते हों उन्हें शनि भयंकर दंड देते हैं।इनपर कृपा करेंगे शनि देवधर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति, अपने परश्रिम और ईमानदारी से धन अर्जित करने वाले को शनि देव प्रिय होते हैं और उन्हें मनचाही वस्तुएं, भौतिक सुख, मानसिक शांति प्रदान करते हैं।शनि जयंती पर क्या करेंशनि जयंती के दिन उपवास करें। शनि मंदिर जाएं और तेल चढ़ायें। शनि की शांति के लिए शनि पूजा और यज्ञ करवाएं। भिखारियों, जरूरतमंदों, अहसाय, दिव्यांग लोगों को भोजन करवाएं। काली उड़द की खिंचड़ी का दान भी कर सकते हैं।क्या होगा लाभशनि की कूपा प्राप्त होने से व्यक्ति पर से साढ़ेसाती, ढैया और कुंडली में मौजूद कमजोर शनि का प्रभाव समाप्त होता है। कार्यों में आ रही बाधाएं समाप्त होती हैं। व्यापार में तरक्की, नौकरीपेशा को पदोन्नति। दांपत्य जीवन में आ रही परेशानियां समाप्त होती हैं। बीमारियों से परेशान लोगों को भी राहत मिलती है।------------------------------------------------शहर के शनि मंदिरों में होंगे विशेष आयोजन, पूजन और कीर्तन-कही भण्डारा तो कही सुन्दरकाण्ड का होगा पाठ, मेला भी लगेगा लखनऊ। हिन्दुस्तान संवादशनि जयंती पर लखनऊ में सूर्य पुत्र शनि देव का जन्मदिन काफी धूम-धाम से मनाया जायेगा। इस अवसर पर राजेन्द्रनगर के महाकाल शिव मन्दिर सुन्दरकाण्ड का संगीतमय पाठ होगा। व्यवस्थापक अतुल मिश्रा ने बताया कि साल में बाबा की होने वाली भस्म आरती की बुंकिंग भी प्रारम्भ हो जाती है। उधर, हाथी बाबा मन्दिर में शनि जयंती और वट सावित्री पूजा के अवसर पर विशाल मेला लगेगा। मन्दिर के महंत रामचन्द्र दास जी महाराज ने बताया कि मन्दिर के बाहर पीपल और बरगद के वृक्ष पूजन करने के लिए सैकड़ों की संख्या में महिलाएं आती हैं। इस बार शनि जयंती और वट सावित्री एक दिन होने से मेले जैसा माहौल रहेगा। महंत श्री ने बताया कि शनि जयंती पर मन्दिर के सत्संग हाल में कथा व्यास कल्याणी देवी का विशेष प्रवचन होगा। इसमें शनि के क्रूर ग्रह से कैसे बचे इसपर वह कथा श्रवण करायेंगी। डालीगंज के हसनगंज चरही स्थित शनिदेव मन्दिर में शनि जयंती की विशेष तैयारियां चल रही है। सुनदरकाण्ड के साथ भण्डारे का आयोजन होगा। मन्दिर के प्रवक्ता शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि शनि जयंती पर मन्दिर में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शनि देव के दर्शन और पूजन करने पहुंचेंगे। भण्डारा शुरु होगा। जिसमें खिचड़ी और पूड़ी सब्जी का प्रसाद बांटा जायेगा। श्री शनि मंदिर चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से विराट खंड गोमतीनगर में चौदहवां श्री जयंती महोत्सव मनाया जायेगा।

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