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छात्रा ने स्कूल छोड़ने के लिये रची गैंगरेप की झूठी कहानी

नाका पुलिस की पड़ताल से निर्दोष वैन ड्राइवर जेल जाने से बचामेडिकल रिपोर्ट में नहीं हुई रेप की पुष्टिछात्रा के माता-पिता ने लिख कर दिया कि बेटी के साथ कुछ नहीं हुआ, मुकदमा खत्मछात्रा पढ़ाई में थी कमजोर, शिक्षकों ने भी कहा-पढ़ने से जी चुराती थीलखनऊ। प्रमुख संवाददाताराजेन्द्र नगर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में कक्षा सात की छात्रा पढ़ने में कमजोर थी और वह स्कूल छोड़ना चाहती थी। यही वजह थी कि उसने ऐसी कहानी गढ़ी जिससे न सिर्फ पुलिस अफसर हलकान रहे बल्कि दो निर्दोष ड्राइवरों को जेल जाने की नौबत आ गई। नाका इंस्पेक्टर ने अपनी टीम के साथ गुरुवार दोपहर से रात तक पड़ताल की और ऐसे सुबूत ढूंढ़ निकाले जिससे पूरी घटना का सच सामने आ गया। मेडिकल रिपोर्ट में भी रेप की पुष्ट नहीं हुई। पुलिस की इस कार्रवाई से निर्दोष वैन ड्राइवर जेल जाने से बच गया। गुरुवार को दर्ज हुआ रेप का मुकदमा मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद खारिज कर दिया गया। छात्रा के पिता ने गुरुवार दोपहर को नाका कोतवाली पर सूचना दी थी कि वैन ड्राइवर और ई-रिक्शा चालक ने उनकी बेटी के साथ स्कूल परिसर में दुराचार किया। इस खबर से इलाके में हड़कम्प मच गया था। दर्जनों लोग नाका कोतवाली पहुंच गये थे। नाका इंस्पेक्टर परशुराम सिंह ने गुरुवार दोपहर को स्कूल की टीचरों से सम्पर्क किया तो उन्होंने पहले ही कह दिया कि यह लड़की तो पढ़ाई से ही कतराती है। वैन के ड्राइवरों को तो स्कूल के अंदर ही नहीं जाने दिया जाता है। सीसी फुटेज से बात झूठी निकली थीपुलिस ने गुरुवार को स्कूल में लगे नौ कैमरों की फुटेज देख ली थी जिसमें ड्राइवर स्कूल के अंदर 12 मई को जाते नहीं दिखे थे। तब ही घटना पर सवाल उठ गया था लेकिन छात्रा और उसके घर वाले पुलिस पर ही उंगली उठाने लगे। इसके बाद ही पुलिस ने मेडिकल कराने की बात कही। मेडिकल कराने के लिये छात्रा मना करने लगी। पर, पुलिस ने महिला पुलिस के साथ उसे मेडिकल कराने के लिये अस्पताल भेजा। मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुईइंस्पेक्टर परशुराम सिंह ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई है। डॉक्टरों ने रिपोर्ट में लिखा है कि लड़की के नाजुक अंगों पर चोट नहीं मिली है और न ही कोई और निशान। डॉक्टर ने कहा कि इससे साफ है कि रेप नहीं हुआ है। निर्दोष वैन ड्राइवर को छोड़ा रात भर नाका कोतवाली में एक कोने में दुबका रहा वैन ड्राइवर यह सोच चुका था कि उसे जेल जाना ही पड़ेगा। पर, नाका पुलिस उसे दिलासा देती रही थी कि छात्रा के आरोप झूठे निकल रहे हैं। अगर रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई तो उसे छोड़ दिया जायेगा। हुआ भी यही। नाका इंस्पेक्टर परशुराम सिंह ने जब शुक्रवार को उससे कहा कि उसके खिलाफ दर्ज मुकदमा झूठा मिला है। जैसे ही उसे छोड़ने की बात हुई, उसकी आंखे नम हो गई। वहीं इस मामले में नामजद किये ई-रिक्शा चालक के घर वाले भी परेशान थे हालांकि वह पकड़ा नहीं गया था।

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  • Web Title:school giri lying