class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अनुदेशकों को मिली राहत, 100 से कम छात्र संख्या होने नहीं हटा सकते स्कूल

प्रमुख संवाददाता / राज्य मुख्यालय

सरकारी प्राइमरी स्कूलों में काम कर रहे अनुदेशकों के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहत भरा फैसला दिया है। इस फैसले के मुताबिक जिन स्कूलों में छात्र संख्या 100 से कम हो गई है वहां से अनुदेशकों को हटाया नहीं जा सकता।

ऐसा इसलिए कि शासनादेश में इसका जिक्र कहीं है ही नहीं। वर्ष 2013 में 40 हजार से ज्यादा अनुदेशकों की भर्ती शिक्षा का अधिकार कानून 2009 के तहत की गई थी। अनुदेशकों की भर्ती की अनिवार्य शर्त थी कि ये अनुदेशक वहीं रखे जाएंगे जहां 100 से ज्यादा छात्र संख्या होगी लेकिन इसमें यह जिक्र ही नहीं है कि यदि छात्र संख्या 100 से कम हो जाएगी तो अनुदेशक को हटा दिया जाएगा।

शासनादेश की इसी चूक के आधार पर अनुदेशकों को हटाया नहीं जा सकेगा। आजमगढ़ के एक मामले में हाईकोर्ट ने अनुदेशकों को राहत दी है। दरअसल ये अनुदेशक जूनियर स्कूलों में शारीरिक शिक्षा, कार्य शिक्षा और कला आदि के लिए रखे गए थे। इन्हें 11 महीने के मानदेय के आधार पर रखा गया था। काफी समय से इस तरह के मामले सामने आ रहे थे जहां छात्र संख्या 100 से कम हो जाने पर इन्हें हटाया जा रहा था। अब इस मामले का आधार लेकर इन्हें हटाया नहीं जा सकेगा।

हालांकि राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से भी शारीरिक शिक्षा व खेलकूद के लिए 32022 अनुदेशक रखने की प्रक्रिया शुरू की है। ये अनुदेशक वहीं रखे जाएंगे जहां छात्र संख्या 100 से कम है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:relief for part time teachers