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जन को छोड़ जेब की बनी सहकारी समितियां अब विकास से जुड़ेंगी: मुकुट बिहारी

प्रमुख संवाददाता- राज्य मुख्यालय

सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने कहा है कि प्रदेश में सहकारी समितियां जन को छोड़कर, जेब की बन गई थी। सहकारी समितियों को अब सुदृढ़ कर विकास और निर्माण के काम में लगाना है। सहकारिता मंत्री शनिवार को प्रदेश भाजपा के मुख्यालय में जनसमस्याओं को सुनने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।

श्री वर्मा ने कहा कि साढ़े सात हजार सहकारी समितियां है। एक करोड़ सदस्यों वाली ये सहकारी समितियां जन को छोड़कर जेब की बन गई थी जिससे इन्हें मुक्त करना है। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों को सिर्फ गेंहू, धान बेचने तक समित नहीं रखना है बल्कि समितियों से गांव, किसान, गरीब लाभान्वित हो, ऐसी व्यवस्था करना होगा। श्री वर्मा ने कहा कि गेहूं क्रय केन्द्रों की मानीटरिंग प्रतिदिन हो रही है। 16 केन्द्रों पर उन्होंने स्वयं निरीक्षण किया है। सहकारिता मंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अभी तक समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं था। सत्ता, शासन और जनता के बीच बड़ी खाई थी, अब जनता में उम्मीद बढ़ी है कि न्याय पाने के अधिकार को सरकार सशक्त कर रही है। इसी आशा को लेकर जनता आ रही है, जिसे हम अपनी जिम्मेदारी मानकर पूरा कर रहे है।

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