class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कूड़ा नगर निगम की गाड़ी उठा रही, चढ़ रहा कम्पनी के खाते में

कूड़ा नगर निगम की गाड़ी उठा रही है और खातें में चढ़ रहा है कम्पनी के खाते में। जो पांच व आठ में इस महीने नगर आयुक्त ने नगर निगम की गाड़ियां लगवाकर कूड़ा उठावाया लेकिन यह कचरा कम्पनी के खाते में चढ़ाया गया। पांच दिनों का 1,314 टन कचरा कम्पनी के नाम चढ़ाया गया है। जिस दिन का कचरा कम्पनी के नाम चढ़ाया गया उस दौरान नगर निगम की 19 गाड़ियां कचरा उठवा रही थीं। कम्पनी के काम न करने की वजह से ही नगर निगम को कचरा उठाने के लिए अपनी गाड़ियां लगानी पड़ी। कम्पनी के नाम कचरा चढ़ाकर कुछ अधिकारियों ने करोड़ों के वारे -न्यारे की साजिश रची है। केवल पांच दिनों के कचरे में 21 लाख सात हजार रुपए का खेल हुआ है।

ज्योति इन्वायरोटेक कम्पनी को जोन पांच व जोन आठ में कचरा उठाने का काम मिला है। कम्पनी के इस क्षेत्र में कूड़ा न उठाने से जब दिक्कतें पैदा हुई तो नगर निगम ने यहां अपनी गाड़ियां लगायीं। जोन पांच में निगम ने 29 सितम्बर से तीन बड़ी ट्रकें व एक जेसीबी तथा जोन आठ में छह अक्तूबर से 16 गाड़ियां कूड़ा उठाने के लिए लगायीं। नगर निगम के आरआर विभाग के चीफ इंजीनियर दीपक यादव की रिपोर्ट के मुताबिक निगम की गाड़ियों ने जोन पांच से 150 ट्रक यानी 1200 टन कचरा तथा जोन पांच में लगी तीनों गाड़ियों ने 1050 टन कूड़ा उठवाया है। निगम की गाड़ियां जोन पांच में आज भी कूड़ा उठवा रही हैं।

नगर निगम ने कम्पनी के कूड़ा न उठाने की वजह से अपनी गाड़ियां लगवाकर कूड़ा उठवाया। जब कूड़ा कम्पनी ने उठाया नहीं तो उसने नाम नहीं चढ़ना था लेकिन कुछ अफसरों व कर्मचारियों ने मिलकर इसे कम्पनी के नाम चढ़ा दिया। केवल पांच दिन का कूड़ा उसके नाम 1314 टन चढ़ा हुआ है। कम्पनी को 1604 रुपए प्रति टन के हिसाब से भुगतान होता है। इस हिसाब से बिना कूड़ा उठाए ही उसके करीब 21.07 लाख रुपए बन गए। भ्रष्टाचार के इस खेल में नगर निगम के कुछ जोनल अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। इस संवाददाता ने पड़ताल की तो पता चला कि 11 अक्तूबर को 212 टन, 12 को 171, 13 को 145, 14 को 457 तथा 15 अक्तूबर को 329 टन कचरा कम्पनी के नाम चढ़ाया गया है। निगम के पर्यावरण अभियन्ता ने खुद माना कि इन तारीखों में ही कम्पनी ने इतना कचरा उठाने की रिपोर्ट दी है।

-------------------------------------------

जोनल अधिकारी कह रहे कम्पनी काम रही है, कर अधीक्षक कूड़ा उठवाने की लगा रहे गुहार

नगर निगम के जोन आठ के जोनल अधिकारी सूरज सिंह का कहना है कि कम्पनी कूड़ा उठा रही है। उन्होंने कहा कि उनके जोन में अब कूड़े की कोई समस्या नहीं है। जबकि उन्हीं के जोन के कर अधीक्षक चन्द्रशेखर यादव ने एक दिन पहले मंगलवार की शाम को हुई मीटिंग में नगर आयुक्त उदयरराज सिंह से जोन आठ में कूड़ा न उठने की बात कही। कूड़ा उठवाने के लिए उन्होंने नगर आयुक्त से गाड़ी दिलवाने को कहा। उन्होंने मीटिंग में कहा कि कम्पनी के कूड़ा न उठाने से ढेर हो गया। मीटिग में मौजूद आरआर विभग के मुख्य अभियन्ता दीवक यादव ने उन्हें गुरुवार से कूड़ा उठवाने के लिए गाड़ी देने का भी आशवासन दिया। अब सवाल यह उठ रहा है कम्पनी के कूड़ा न उठाने के बावजूद जोनल अधिकारी उसके कूड़ा उठाने की बात क्यों कह रहे हैं? अगर कम्पनी कूड़ा उठा रही है तो उनके कर अधीक्षक इसे हटवाने के लिए नगर निगम से गाड़ी क्यों मांग रहे हैं?

-------------------------

जोन पांच में 29 सितम्बर से नगर निगम की गाड़ी कूड़ा उठवा रही है। इस महीने जोन आठ व पांच में भी नगर निगम की गाड़ियों ने 2500 टन से ज्यादा कूड़ा उठाया है। यदि ज्योति इन्वायरोटेक कम्पनी ने कूड़ा उठाया होता तो नगर निगम को इसे उठाने के लिए अपनी गाड़ियां लगाने की जरुरत ही नहीं थी। जोन आठ व पांच में कई जगह फिर काफी कूड़े का ढेर हो गया है। गुरुवार को भी इसे हटवाने के लिए और गाड़ियां लगायी जाएंगी।

दीपक यादव, मुख्य अभियन्ता, कूड़ा निस्तारण विभाग

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:nagar nigam