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एक जून से बिना आधार कार्ड किसानों को नहीं मिलेगी खाद

लखनऊ। निज संवाददाता

किसानों को खाद (यूरिया, डीएपी व पोटास) लेने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। बिना आधार कार्ड के किसान खाद नहीं ले पाएंगे। यह व्यवस्था एक जून से लागू हो जाएगी। जिन किसानों के पास आधार कार्ड नहीं वह आधार कार्ड बनवा लें।

सभी खाद दुकानों पर लगेगी पीओएस मशीन

किसानों को तय दामों पर ही खाद मिले इसके लिए सरकार हर खाद कारोबारी की दुकानों पर पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन लगाएगी। निजी दुकानदारों के साथ ही पीओएस मशीनें साधन सहकारी समितियां, पीसीएफ, इफ्को बिक्री केन्द्रों पर भी लगाई जाएंगी। बिना पीओएस मशीन के कोई भी खाद नहीं बेच सकेगा।

पीओएस पर अंगूठा लगाकर किसानों को मिलेगी खाद

जिला कृषि अधिकारी डीके सिंह बताते हैं कि खाद की कालाबाजारी व जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने यह व्यवस्था बनाई है। अब किसानों को खाद खरीदने के लिए दुकान पर अपना आधार कार्ड दिखाना होगा। दुकानदार आधार नम्बर मशीन में डलेगा। फीडिंग के बाद किसान की बॉयोमिट्रिक जांच के लिए आंगूठा लगाएगा। जितनी खाद उसे चाहिए वह मिल जाएगी। पीओएस मशीन से एक रसीद भी निकलेगी। इस पर दाम व बोरों की संख्या दर्ज होगी। जिला कृषि अधिकारी बताते हैं कि किसान रसीद जरुर प्राप्त करें। वह बताते हैं जल्द ही सभी दुकानों पर पीओएस मशीने पहुंच जाएंगी।

किसानों को होने वाले फायदे

नई व्यवस्था से किसानों को बहुत फायदा होगा।

वास्तविक किसानों को ही खाद मिलेगी।

वास्तविक किसानों को ही मिलेगा खाद की सब्सिडी का लाभ।

खाद की किल्लत दूर होगी।

कालाबाजारी बंद होगी।

किसानों को खाद के लिए अधिक दाम नहीं चुकाने होंगे।

गैर लाइसेंसी दुकानदार खाद नहीं बेच पाएगा।

नकली खाद से किसान बचेंगे।

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  • Web Title:kishan adhar card
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