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पुस्तको के निःशुल्क वितरण मामले में सुनवाई 27 को

हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश के बेसिक शिक्षा पाठ्यक्रम में साढ़े दस करोड़ निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें न दिए जाने के मामले में पाठ्यपुस्तक अधिकारी अमरेंद्र सिंह उपस्थित हुए और अदालत को बताया की 59 प्रतिशत पुस्तकें वितरित की जा चुकी हैं। शेष पुस्तकें भी शीघ्र ही उपलब्ध करा दी जाएंगी । अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को नियत की है ।

अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई को पाठ्य पुस्तक अधिकारी पूरे रिकॉर्ड व जानकारी का हलफनामा दाखिल करे । अदालत ने जानना चाहा है की अबतक बच्चों को पढ़ने के लिए छह माह बीतने के बाद पुस्तकों की आपूर्ति क्यों नहीं की गई । यह आदेश न्यायमूर्ति अमरेश्वर प्रताप शाही व न्यायमूर्ति अनिल श्रीवास्तव द्वतीय खंडपीठ ने याची सर्व सेवा समिति की ओर से दायर जनहित याचिका पर दिए है ।

याचिका दायर कर कहा गया कि सूबे के बेसिक शिक्षा के प्राइमरी स्कूलो में बच्चों को साढ़े दस करोड़ पाठ्य पुस्तकें निःशुल्क दी जानी थी। आरोप लगाया गया कि 1 अप्रैल के बाद छह महीने बीतने पर भी पुस्तकों की आपूर्ति नहीं की गयी। इस मामले में अदालत ने मंगलवार को सख्त रुख अपनाते हुए पाठ्य पुस्तक अधिकारी को रिकॉर्ड के साथ तलब किया था । अदालत के समक्ष बताया गया कि सूबे के प्राथमिक विद्यालयों में अधिकांश पुस्तकें उपलब्ध करा दी गई हैं और शेष पुस्तकें शीघ्र ही उपलब्ध करा दी जाएँगी ।

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  • Web Title:high court
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