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एक इंजेक्शन से छूमंतर होगा गठिया का दर्द

लखनऊ। कार्यालय संवाददाता First Published:19-10-2016 06:00:34 PMLast Updated:19-10-2016 06:10:15 PM

गठिया मरीजों को रोज ढेरों दवाएं खाने की जरूरत नहीं है। एक इंजेक्शन से मरीज को 15 दिन से लेकर छह महीने तक दर्द से निजात मिल सकती है। बाजार में ये दवाएं उपलब्ध हो गई हैं। ये जानकारी गठिया रोग विशेषज्ञ डॉ. स्कंद शुक्ल ने पत्रकार वार्ता में दी।

बुधवार को डॉ. स्कंद शुक्ला ने बताया कि अभी तक गठिया के मरीजों को चार से पांच तरह की दवाएं दी जा रही थीं। अब बायोलॉजिक्स इंजेक्शन आ गए हैं। इन्हें डॉक्टर की सलाह पर लगवाकर बीमारी के प्रभाव पर काबू पा सकते हैं। उन्होंने बताया कि जेनेरिक्स बायोलॉजिक्स इंजेक्शन भी बाजार में हैं। ये ब्रांडेड कम्पनियों से सस्ते हैं। उन्होंने बताया कि बिना डॉक्टर की सलाह के गठिया की दवा खाना नुकसानदेह है। बावजूद इसके लोग मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदकर धड़ाधड़ खा रहे हैं। सरकार मेडिकल स्टोर पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं की बिक्री पर पाबंदी लगाए। डॉ. शुक्ला ने बताया कि कई प्रकार के गठिया होते हैं। ऑस्टियो, रूह्यूटाइड और गाउट आर्थराइटिस अहम हैं। यूपी की करीब एक फीसदी आबादी किसी ने किसी तरह के आर्थराइटिस की चपेट में है।

जीवनशैली में सुधार लाएं

गठिया से बचने के लिए लोगों को बहुत मेहनत करने की जरूरत है। जीवन शैली में थोड़ा सुधार कर गठिया के खतरों से बच सकते हैं। यदि बीमारी हो गई तो उसके प्रभाव को कम कर सकते हैं। सबसे पहले वजन घटाना होगा क्योंकि वजन का सबसे ज्यादा प्रभाव घुटनों पर पड़ता है। डॉ. स्कंद के मुताबिक घुटनों पर भार अधिक पड़ने से बीमारी बढ़ जाती है। वजन घटाएं। तली-भुनी वस्तुओं से परहेज करें। कसरत जरुर करें। जोड़ों में दर्द व सूजन को नजरअंदाज न करें। डॉक्टर की सलाह लें।

डॉक्टरों की कमी

देश में गठिया रोग विशेषज्ञों की जबर्दस्त कमी है। इसकी वजह से मरीजों को मुकम्मल इलाज नहीं मिल पा रहा है। देश में करीब तीन हजार विशेषज्ञ हैं जबकि 15 हजार गठिया रोग विशेषज्ञों की जरूरत है। इसके लिए कॉलेजों में पीजी व डीएम की सीटें बढ़ाई जाने की जरूरत है।

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