class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गोमतीनगर के होटल में चल रहा था जुआ, पुलिस ने आरोपियों को गुपचुप छोड़ा

- मिठाई वाले चौराहे के पास स्थित होटल ‘वैभव इन में हो रहा था गोरखधंधा - पौने दो लाख रुपये के साथ धरे गए तीन कारोबारी, सीओ ने दी रिपोर्ट-जांच के आदेशलखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता दिवाली करीब आते ही शहर में जुएं की फड़ सजने लगी है। रईसजादे शहर के होटलों को ठिकाना बनाकर वहां लाखों का दांव लगा रहे हैं। कुछ ऐसा ही गोरखधंधा चल रहा था गोमतीनगर के होटल ‘वैभव इन में, जहां मंगलवार रात पुलिस ने छापेमारी करके तीन कारोबारियों को जुआ खेलते पकड़ा। उनके पास से 1 लाख 89 हजार 350 रुपये बरामद हुए। गोमती नगर पुलिस की कारगुजारीजुआरियों को थाने लाते ही पुलिस उन पर मेहरबान हो गई। पुलिस ने बिना अधिकारियों को सूचित किए आरोपियों को रातों-रात निजी मुचलके पर छोड़ दिया। और तो और होटल संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज सीओ गोमतीनगर सत्यसेन यादव ने मातहतों को जवाब-तलब करने के साथ रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी। एसएसपी मंजिल सैनी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। गोमतीनगर थाने के एसआई राकेश सिंह ने बताया कि मंगलवार रात मुखबिर ने उन्हें सूचना दी कि होटल वैभव इन के कमरा नंबर 106 में जुआ खेला जा रहा है। उन्होंने होटल के कमरे में छापेमारी करके तीन लोगों को गिरफ्तार किया। उनके पास से ताश के पत्ते और 1 लाख 89 हजार 350 रुपये बरामद हुए। आरोपियों की पहचान जानकीपुरम विस्तार निवासी आनंद सिंह, नाका हिन्डोला निवासी प्रवीण अग्रवाल और इंदिरानगर के ए-ब्लॉक निवासी दिलीप अग्रवाल के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक प्रवीण और आनंद पार्टनरशिप में टाइल्स का कारोबार करते हैं। वहीं दिलीप की जनरल मर्चेन्ट की दुकान है। दोबारा पकड़े जा सकते हैं आरोपी गोमतीनगर पुलिस ने इस कार्रवाई की जानकारी अपने अधिकारियों को नहीं दी। सूत्रों की मानें तो आरोपियों की पैरवी में कई रसूखदार लोग देर रात तक थाने में डटे रहे। उनसे अकेले में हुई बातचीत के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। बुधवार को मामला उजागर होने पर सीओ सत्यसेन यादव ने मातहतों से पूछताछ की। उन्होंने मामले की जांच कराने की रिपोर्ट एसएसपी को भेजी। एसएसपी ने प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं। एसएसपी की सख्ती के बाद गोमतीनगर पुलिस आरोपियों को दोबारा गिरफ्तार करने में जुट गई है।किसी के नाम बुक नहीं था कमरा सीओ सत्यसेन यादव ने बताया कि इस मामले में होटल संचालक की भूमिका पूरी तरह संदिग्ध है। जिस कमरे में जुआ चल रहा था। वह कमरा किसी के नाम से बुक नहीं था। होटल स्टॉफ ने बिना आईडी लिए ही जुआरियों के लिए सारे दरवाजे खोल दिए थे। कार्रवाई के दौरान गोमतीनगर पुलिस ने होटल स्टॉफ से इस बाबत पूछताछ तक नहीं की। इससे साफ है कि स्थानीय पुलिस होटल मालिक पर मेहरबान है। अय्याशी का अड्डा है होटल वैभव इन यह पहली बार नहीं है कि जब होटल वैभव इन में गोरखधंधे की खबर आम हुई है। यह होटल पहले भी अराजक कार्यों के लिए चर्चित रहा है। कुछ समय पहले होटल में रेव पार्टी पकड़ी गई थी। इसके बाद भी पुलिस ने सख्त कार्रवाई नहीं की थी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:gambling