Image Loading dr - LiveHindustan.com
बुधवार, 07 दिसम्बर, 2016 | 17:58 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का विमान एबटाबाद के पास क्रैश, 47 यात्री थे सवार:...
  • RBI ने नहीं किया रेपो रेट में कोई बदलाव, विकास दर का अनुमान 7.6 से घटा कर 7.1 किया
  • संसद न चलने से आडवाणी दुखी, बोले- न सरकार, न विपक्ष चलाना चाहता है सदन (टीवी...
  • अगले तीन दिनों में दिल्ली की हवा होगी और प्रदूषित, हिन्दुस्तान का आज का ई-पेपर...
  • सुप्रीम कोर्ट राकेश अस्थाना की सीबीआई के अंतरिम निदेशक के रूप में नियुक्ति को...
  • नोटबंदी पर संसद में हंगामा, गुलाम नबी आजाद ने पूछा- 84 लोगों की मौत का जिम्मेदार...
  • श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से दूरसंवेदी उपग्रह रिसोर्ससैट-2ए का...
  • 'अम्मा' के निधन पर कमल हासन के विवादित TWEET पर लोगों ने निकाला गुस्सा, बॉलीवुड की टॉप...
  • हिन्दुस्तान टाइम्स के प्रधान संपादक बॉबी घोष का ब्लॉग 'आम लोगों की राय का मिथक'...
  • मौसम अलर्ट: दिल्ली, पटना, लखनऊ में धुंध रहेगी, रांची और देहरादून हल्की धूप निकलने...
  • मशहूर अभिनेता दिलीप कुमार की तबीयत खराब, मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती
  • हेल्थ टिप्स: रोज दही खाने से पेट रहता सही, बालों और स्किन को भी होते हैं ये फायदे
  • कोहरे की मार: 81 ट्रेनें लेट, 21 ट्रेनों के समय में बदलाव और तीन ट्रेनें रद्द।
  • भविष्यफल: मीन राशिवालों की कुछ पुराने दोस्तों से हो सकती है मुलाकात। अन्य...
  • GOOD MORNING:राजकीय सम्मान के साथ जयललिता के पार्थिव शरीर को दफनाया गया। अन्य बड़ी...

जिन्दगी भर मरीजों की सेवा की अब पेंशन के लिए भटक रहे डॉक्टर

लखनऊ। कार्यालय संवाददाता First Published:19-10-2016 06:37:42 PMLast Updated:19-10-2016 06:40:21 PM

आयुर्वेद और होम्योपैथिक विभाग से रिटायर करीब 300 डॉक्टर पेंशन से महरूम हैं। असल में ये डॉक्टर विभाग में नौकरी से 10 से 15 साल तक की। लेकिन नियमित काफी देर में हुए। शासनादेश के अनुसार 10 साल नियमित पद पर तैनाती वाले डॉक्टरों को पेंशन देने का प्रावधान किया गया है। नतीजतन डॉक्टर पेंशन के लिए भटक रहे हैं। उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है।

आयुर्वेद, होम्योपैथिक में 1992 से 1998 के बीच काफी संख्या में डॉक्टर और शिक्षकों की संविदा पर तैनाती हुई। काफी जद्दोजहद के बाद 2005 व उसके बाद काफी डॉक्टर नियमित हुए। इनमें करीब 300 ऐसे डॉक्टर हैं जिनका पक्की नौकरी का कार्यकाल 10 साल से कम का है। अब वे भी रिटायर हो चुके हैं। शासनादेश के मुताबिक 10 साल पक्की नौकरी करने वालों को ही पेंशन का अधिकार है। ऐसे में देरी से नौकरी पक्की होने का खामियाजा डॉक्टरों को भुगतना पड़ रहा है। डॉक्टर कोर्ट कचहरी के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

आयुर्वेद विभाग से रिटायर डॉ. राधेश्याम शुक्ला ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर कई ऐसे डॉक्टरों को पेंशन मिल गई जिनकी नौकरी सात से आठ साल पुरानी है। सरकार इस नियम को खत्म करे। ताकि सभी डॉक्टरों को पेंशन का फायदा मिल सके। होम्योपैथ विभाग से रिटायर डॉ. रामचन्द्र शर्मा के मुताबकि पेंशन का अधिकार सभी राजकीय कर्मचारियों को है। इसमें 10 साल की पक्की नौकरी करने वालों को ही फायदा देना गलत है। होम्योपैथ व आयुर्वेद विभाग में लंबे समय से संविदा पर नौकरी कर रिटायर हुए। नियमितीकरण में देरी हुई। इसमें डॉक्टरों का क्या दोष? लिहाजा पेंशन के लाभ से किसी को वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title: dr
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
Rupees
क्रिकेट स्कोरबोर्ड