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पेंशन के लिए भटक रहे डॉक्टर

आयुर्वेद और होम्योपैथिक विभाग से रिटायर करीब 300 डॉक्टर पेंशन से महरूम हैं। असल में इन डॉक्टरों ने विभाग में नौकरी 10 से 15 साल तक की लेकिन नियमित काफी देर में हुए। शासनादेश के अनुसार 10 साल नियमित पद पर तैनाती वाले डॉक्टरों को पेंशन देने का प्रावधान किया गया है।

नतीजतन डॉक्टर पेंशन के लिए भटक रहे हैं। उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। आयुर्वेद,होम्योपैथिक में 1992 से 1998 के बीच काफी संख्या में डॉक्टर और शिक्षकों की संविदा पर तैनाती हुई। काफी जद्दोजहद के बाद 2005 व उसके बाद काफी डॉक्टर नियमित हुए।

इनमें करीब 300 ऐसे डॉक्टर हैं जिनका पक्की नौकरी का कार्यकाल 10 साल से कम का है।  देरी से नौकरी पक्की होने का खामियाजा डॉक्टरों को भुगतना पड़ रहा है। डॉक्टर कोर्ट कचहरी के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

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  • Web Title:doctors are wandering for pension