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डेंगू से तीन लोगों की मौत

लखनऊ। बेकाबू डेंगू लगातार कहर बरपा रहा है। बुधवार को चार और लोगों की डेंगू से मौत हो गई। सरकारी अस्पतालों में 30 से ज्यादा मरीज गंभीर हाल में भर्ती हैं। वहीं 900 से ज्यादा डेंगू-बुखार के मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। पूर्व राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त राम सिंह राणा को भी डेंगू ने जकड़ लिया। लोहिया अस्पताल में भर्ती कर उनका इलाज चल रहा है। उनके लिवर में भी संक्रमण है।

बीती रात तेज बुखार के बाद नरही निवासी शाहजहां (75) को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई। परिवारीजनों ने सुमचित इलाज न मिलने का आरोप लगाया। हंगामा किया। परिवारीजनों ने बताया कि शाहजहां को कई दिन से बुखार आ रहा था। खून की जांच के बाद डेंगू की पुष्टि हुई थी। पीजीआई के पोस्ट ऑप आईसीयू में भर्ती रजवंत कौर (50) की मौत हो गई। रजवंत कई दिनों से पीजीआई के आईसीयू में भर्ती थीं। उनका डेंगू का इलाज चल रहा था। इससे पूर्व उनका निजी अस्पताल में इलाज हुआ था। जहां फायदा न मिलने पर परिवारीजनों ने उन्हें पीजीआई के आईसीयू में भर्ती कराया था। वहीं, पीजीआई के ही सीसीएम (क्रिटिकल केयर मेडिसिन) विभाग में भर्ती नूर अहमद (20) की भी मंगलवार को ही मौत हो गई। नूर के खून की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। लगातार प्लेटलेट्स गिरने से उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। गोसाईंगंज निवासी सुलेखा 45 को चार दिनों से बुखार आ रहा था। पति हरिओम के मुताबिक प्राइवेट हॉस्पिटल में सुलेखा को भर्ती कराया गया था। जांच में डेंगू की पहचान हुई। उन्हें लगातार उल्टी हो रही थी। ब्लड प्रेशर नियंत्रित नहीं हो रहा है।

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बेड फुल रैंप तक डेंगू और बुखार के मरीज

लखनऊ। कार्यालय संवाददाता

स्वास्थ्य विभाग डेंगू और बुखार के मरीजों के आंकड़े छुपाने में जुटा है। झूठ पर झूठ अफसर बोल रहे हैं। कोर्ट के सामने भी पेश आंकड़ों में भी घालमेल किया जा रहा है। असल तस्वीर तो अस्पतालों में देखी जा सकती है। बलरामपुर अस्पताल में फर्श पर लिटाकर बुखार पीड़ितों को इलाज मुहैया कराया जा रहा है। इमरजेंसी फुल होने के बाद डॉक्टर मजबूरन बरामदे और रैंप तक मरीजों को लिटाकर इलाज मुहैया करा रहे हैं।

बलरामपुर अस्पताल में एक भी बेड खाली नहीं बचे हैं। 756 बेड के अस्पताल में 12 सौ से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। एक बेड पर तीन से चार मरीज लेटे हैं। लोहिया अस्पताल में तो बुधवार को इमरजेंसी फुल होने पर मरीजों की भर्ती रोक दी गई। करीब एक घंटे तक मरीजों की भर्ती ठप रही। इसकी वजह से मरीजों को खासी मुश्किलें झेलनी पड़ी। 10 से ज्यादा मरीजों वापस लौट गए। सिविल अस्पताल के सभी बेड डेंगू-बुखार के मरीजों से भरे हैं।

अस्पताल मरीजों में डेंगू की पहचान

सिविल 51

बलरामपुर 28

लोहिया 35

केजीएमयू 30

पीजीआई 27

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  • Web Title:dengu death
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