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वकील के विरुद्ध अखबारों में फर्जी प्रकाशन कराने का मामला

लखनऊ। विधि संवाददाता

एसीजेएम ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने मानहानि के एक आपराधिक मामले में नगर निगम के तहसीलदार देशदीपक सिंह को जरिए समन मुकदमे के ट्रायल के लिए तलब किया है। उन्होंने यह आदेश वकील शिव प्रकाश मिश्र की ओर से दाखिल परिवाद पर संज्ञान लेते हुए दिया है। उन्होंने परिवादी को भी यह आदेश दिया है कि वह एक हफ्ते में अपेक्षित पैरवी करें। मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी।

परिवादी का कहना था कि वह 25 साल से मोहनलालगंज स्थित एक गौशाला का विधिक सलाहकार है। यह गौशाला गो सेवा आयोग, जंतु कल्याण बोर्ड व वन एवं पर्यावारण मंत्रालय द्वारा पंजीकृत व अनुदानित संस्था है। जिसमें प्रशासन द्वारा पकड़ी गई 400 गायों की देखभाल, सुरक्षा व भरण पोषण किया जाता है। गौशाला की समिति डीएम द्वारा निर्वाचित समिति है। पूर्व में ओमेक्स सिटी व पास पड़ोस के बिल्डरों ने नगर निगम व अन्य प्रशासनिक कर्मचारियों से मिलकर नगर निगम की एक विवादित भूमि पर अवैध निर्माण करा दिया। परिणास्वरुप एक फर्जी व अवैध विनिमय पत्र की कूटरचना करके नगर निगम के तहसीलदार देशदीपक सिंह द्वारा गौशाला में तोड़-फोड़ व अवैध कब्जे का प्रयास किया गया। लेकिन विफल रहने पर एफआईआर व समाचार पत्रों में फर्जी रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ फर्जी प्रकाशन कराया। आरोप है कि तहसीलदार देशदीपक सिंह ने अपने इस कृत्य से परिवादी व उसके परिवार के सम्मान को अपूर्णीय क्षति पहुंचाई। जिससे वह बेहद आहत हैं। लिहाजा देशदीपक सिंह के खिलाफ मानहानि के आरोप में कार्यवाही की जाए।

अदालत ने सुनवाई के बाद प्रथम दृष्टया वकील शिवप्रकाश मिश्र के आरोप को वाजिब माना। लिहाजा बतौर मुल्जिम नगर निगम के तहसीलदार देशदीपक सिंह के विरुद्घ आईपीसी की धारा 500 के तहत समन जारी करने का आदेश दिया।

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