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स्तन कैंसर से डरे नहीं, निदान संभव

- दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापनलखनऊ। हिन्दुस्तान संवादस्तन कैंसर से डरे नहीं क्योंकि इसका निदान संभव है। अगर स्तन कैंसर पहले स्टेज में ही है, तो इसे जड़ से ख़त्म करना बहुत आसान है। यह जानकारी केजीएमयू में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ पूजा रमाकांत ने कुर्सी रोड स्थित केन्द्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में दी। कैन्सर के शीघ्र पहचान पर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को समापन हो गया। डॉ पूजा रमाकांत ने कहा कि स्तन में हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन इसकी जांच करवाना बेहद जरूरी है, ताकि कहीं वह आगे चलकर कैंसर का रूप न धारण कर ले। स्तन में गांठ, सूजन या फिर किसी भी तरह का बदलाव महसूस होने पर डॉक्टर से संपर्क अवश्य करना चाहिए। महिलाएं अपने वज़न को नियंत्रित रखें। कम-से-कम छह माह तक बच्चों को स्तनपान अवश्य कराएं। ऐसा करने से स्तन कैंसर का खतरा कम हो जाता है। उन्होंने सलाह दी कि ज़्यादा कोलेस्ट्रॉल वाले भोजन से दूर रहे। गर्भनिरोधक दवाइयों का सेवन ना करें। इसके अलावा 40 की उम्र के बाद साल में एक बार मेमोग्राफी ज़रूर करवाएं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ आरिफा खातून, डॉ आरिफ इस्लाही, डॉ जेड़एच सिद्दीक़ी व डॉ जमाल अख्तर ने भी अपने लेक्चर प्रस्तुत किये। इस मौके पर संस्थान के उपनिदेशक डॉ एमए खान, डॉ जमाल अख्तर, डॉ नफीस खान मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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  • Web Title:cancer camp