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बसों में वीआईपी कल्चर से यात्रियों की मुसीबतें बढ़ी

बसों के अंदर सीटों के ऊपर माननीय अंकित कराए जाने के आदेशलखनऊ। निज संवाददाताएक तरफ प्रदेश सरकार वीआईपी कल्चर को खत्म करने की कवायद में माननीयों की लाल बत्ती उतरवा दी। दूसरी ओर परिवहन निगम प्रशासन वीआईपी कल्चर को बढ़ावा देकर यात्रियों की मुसीबतें बढ़ाने में जुटा है। इसके लिए बसों में सीटों के ऊपर ‘माननीयों के लिएÓ लिखे जाने के आदेश जारी कर दिए। ऐसे में माननीय बस में यात्रा के लिए पहुंचेंगे तो बस की सीट पर जो भी यात्री बैठा होगा उसे तत्काल सीट खाली करनी पड़ेगी। यात्री क्यों न ऑनलाइन सीटों की बुकिंग कराया हो। वीआईपी के साथ एक यात्री फ्री में करेगा सफर परिवहन निगम की बसों में उत्तर प्रदेश विधान सभा और विधान परिषद के भूतपूर्व माननीय सदस्यों को सभी बसों में एक यात्री के साथ नि:शुल्क यात्रा सुविधा मिल रही है। आरक्षित सीट के ऊपर यह सीट माननीयों के लिए आरक्षित है। यह पुरानी बसों में मिट गया है और नई बसों में लिखा नहीं गया है। इस बात की शिकायत पर प्रमुख सचिव के निर्देश पर माननीयों की सीट फिर से आरक्षित कर दी गई है। दो घंटे पहले माननीयों को बुक करानी पड़ेगी सीटेंरोडवेज बसों में नि:शुल्क यात्रा के पात्र लोगों को बस में सफर करने के दो घंटे पहले वीआईपी सीट बुक करानी पड़ेगी। पहले नियम छह घंटे पहले सीट बुक कराने का था। इसमें बदलाव करते हुए एएमडी राम गणेश ने बताया कि प्रदेश भर के बस अड्डों से तय समय सारणी से रवाना होने वाली बसों से अगर नि:शुल्क यात्रा के पात्र लोग सफर करते है तो उन्हें दो घंटे पहले संबंधित क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक को सूचना देकर सीटें बुक करानी पड़ेगी।

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  • Web Title:The troubles of travelers from the VIP culture grew in buses