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भाव राग व ताल से किया विष्णु के दस अवतारों का बखान

लखनऊ। निज संवाददाता

भाव राग व ताल में समाहित नृत्य भरतनाट‌्यम के जरिये आज संत गाडगे प्रेक्षाग्रह में स्वर्ण हंस कला मंदिर की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सै0शमशुर रहमान के निर्देश में जयदेव की रचना ‘दशावतार में भगवान विष्णु के दस अवतारों का नृत्यमय बखान राग मालिका आदि ताल में किया गया।

इससे पूर्व मुख्य अतिथि पद्मभूषण डा सरोजा बैद्यनाथन के द्वारा द्वीप जलाकर हुयी शुरूआत के बाद पहले नृत्य प्रस्तुति पुष्पांजलि को राग नाट्टई आदि ताल में पेश किया। उसके बाद राग मान्द पर आधारित भजन ‘अच्छुतम केशवम राम नारायणमअगली प्रस्तुति में भगवान कृष्ण की विभिन्न लीलाओं को ‘विशमकार कन्ननके अन्तर्गत दर्शाया।

पद्मभूषण नृत्यांगना डा सरोजा वैद्यनाथन द्वारा निर्देशित ‘.शान्ता कारम भुंजग शयनम” स्त्रोतम में विष्णु भगवान की विशेषताओं का बखान किया। इसके बाद गोर्वधन गिरधरा व दक्षिण भारत के लोक प्रिय गीत ‘ माडू मैकुम कन्ने के बाद अन्तिम प्रस्तुति के रूप में महाराजा स्वाती तिरूनाल द्वारा रचित,पारम्परिक तिल्लाना को राग धनाश्री आदि ताल में निबद्व किया। मीतू,सुनयना,प्रांजल,आर्यका,अभिलाषा,आरती,मेधवी,सिजा,निवेदिता,मन्नत,सहित 23 कलाकारों की नृत्य प्रस्तुति हुयी। नट्ठुवांगम पर सै0शमशुर रहमान, मृदंगम पर जन्जावुर राममुर्ति केसवन,गायन पर बी0विजयाश्री,बॉसुरी पर रजत प्रसन्न व सितार पर नवीन मिश्रा मौजूद रहे।

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  • Web Title:The ten incarnations of Vishnu are said to be done by Bhava Raga and Taal