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बीबीएयू निष्कासित छात्रों का फैसला आज करेंगे कुलपति

लखनऊ। निज संवाददाता First Published:19-10-2016 07:29:50 PMLast Updated:19-10-2016 07:40:15 PM

बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय में निष्कासित दलित छात्रों के भविष्य के बारे में गुरुवार को कुलपति प्रो. आरसी सोबती फैसला लेंगे। बुधवार को सारे दिन हुए विचार-विमर्श के बाद प्राक्टोरियल बोर्ड ने छात्रों को राहत देने वाला प्रस्ताव पारित कर दिया है। दूसरी ओर दलित छात्रों ने ऐलान किया है कि निष्कासन वापसी के बाद ही धरना समाप्त करेंगे। पिछले तीन दिन से पूरा विश्वविद्यालय प्रशासन निष्कासित दलित छात्रों के मामले का समाधान खोजने के लिए मंथन कर रहा है। वरिष्ठ प्रोफेसरों की टीम से लेकर प्राक्टोरियल बोर्ड की बैठक पर बैठक हुई, पर कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।

सूत्रों का कहना है कि मानव संसाधन मंत्रालय से मिली फटकार के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कम्प है। हालांकि बुधवार को प्राक्टोरियल बोर्ड ने काफी मंथन के बाद छात्रों को राहत देने सम्बन्धी प्रस्ताव पारित कर दिया है। सूत्रों के अनुसार दो रास्ते सुझाए गए हैं। पहले रास्ते के तहत छात्रों का निष्कासन को निलम्बन में बदल कर उन्हें पढ़ाई की अनुमति दी जाए। साथ ही न्यायिक जांच बैठ दी जाए। दोषी होने पर कार्रवाई की जाए। दूसरे में कहा गया है कि निष्कासित छात्रों को केवल परीक्षा देने की अनुमति प्रदान कर दी जाए। पूरे मामले की स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच के बाद छात्रों के बारे में अन्तिम फैसला लिया जाए।

दूसरी ओर निष्कासित छात्रों के साथी दलित छात्र तीसरे दिन भी अनिश्चतकालीन धरने पर बैठे रहे। छात्र बसंत कनौजिया ने कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन दलित विरोध शिक्षकों के दबाव में चाह कर भी निष्कासन वापस नहीं ले पा रहा है। उन्होंने घोषणा की कि जब तक निष्कासन वापस नहीं होता है तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी। अगर गुरुवार को कुलपति निष्कासन वापस लेकर पढ़ाई की अनुमति नहीं देते हैं तो सभी दलित छात्र भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।

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