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रिवर बैंक कालोनी तीन आवासों की हुई नापजोख

डीएम सर्किल रेट पर लीज पर दिए जाएंगे आवास

लखनऊ। प्रमुख संवाददाता

रिवर बैंक कालोनी के आवासों को लीज पर देने की कवायद शुरू हो गई है। डीएम सर्किल रेट पर लीज पर देने की कार्रवाई होगी। तीन आवासों की नाप शनिवार को पूरी हो गई है। सोमवार तक गणना करके रेट तय कर दिया जाएगा। इसके बाद अन्य आवासों के लिए कार्रवाई शुरू होगी।

231 आवास है आवंटी

रिवर बैंक कालोनी के आवासों को लीज पर देने पिछले दस वर्ष से लटका था। अभी नगर निगम के 231 आवासों में लोग किराए पर रह रहे हैं। वर्षों पहले निर्धारित हुई दर से किराया मिलता है जो नाम मात्र है। शासन ने कालोनी को अलाभकारी मानते हुए दस वर्ष पहले आवासों को बेचने की प्रक्रिया शुरू की। सम्पत्तियों के कास्टिंग हुई। 17 आवंटियों ने शर्तों के तहत पंजीकरण कराया और पंजीकरण राशि भी जमा कर दी लेकिन कुछ लोग विरोध में आ गए और हाईकार्ट चले गए। लिहाजा बिक्री प्रक्रिया रुक गई। जिन लोगों ने पैसा जमा किया था उनमें तीन लोग हाईकोर्ट चले गए और सम्पत्ति बिक्री के लिए फरियाद की। उनका कहना था कि नगर निगम ने मरम्मत आदि काम कराना बंद कर दिया है। आवंटियों को अपने खर्च पर आवासों का रखरखाव करना पड़ रहा है। लिहाजा सम्पत्तियों को उनके नाम कर दिया जाए। हाईकोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई करते नगर आयुक्त को फटकार लगाई और 15 दिनों में लीज की कार्रवाई पूरी करने का आदेश दिया।

तीन आवासों की नाप पूरी

हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम हरकत में आया और लीज की प्रक्रिया शुरू कर दी। शनिवार को नगर निगम के अभियंता हाईकोर्ट गए तीनों आवंटियों के आवासों की नाप पूरी कर ली है। सोमवार तक मौजूदा डीएम सर्किल रेट के हिसाब रेट तय कर दिया जाएगा। उसके बाद लीज की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। इसके बाद अन्य 14 लोगों की भी लीज के लिए सम्पत्तियों की कास्टिंग शुरू की जाएगी। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि लीज पर देने से नगर निगम को ही फायदा है। नगर निगम को एकमुस्त धनराशि तो मिलेगी ही साथ में हर वर्ष गृहकर की भी वसूली होगी। अभी जितना किराया मिलता है वह मिलने वाले गृहकर से बहुत कम है।

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  • Web Title:River Bank Colony Three Houses
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