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पीडब्ल्यूडी के लापता कर्मचारी की लाश मिली, हत्या की आशंका

करोड़ों के फर्जी भुगतान का विरोध किया था, गवाही दी थी अफसरों को

एक अक्टूबर को गायब हुए थे, घर वालों को लिखा था पत्र

तीन दिन पहले मिली सरोजनीनगर में लावारिस मिली लाश, बुधवार को हुई शिनाख्त

लखनऊ। प्रमुख संवाददाता

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में करोड़ों रुपए के फर्जी भुगतान की शिकायत करने वाले कर्मचारी संजय सिंह (47) की लाश संदिग्ध परिस्थतियों में तीन दिन पहले सरोजनीनगर में कानपुर रोड पर मिली। वह एक अक्टूबर को घर से कहीं चले गए थे। बुधवार को उनकी पत्नी सुषमा सिंह ने शव की शिनाख्त की। उनके शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। इस आधार पर ही परिवारीजन हत्या की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। गुरुवार को पोस्टमार्टम होने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अलीगंज एसएस निवासी संजय सिंह की पत्नी सुषमा सिंह ने बताया कि फैजाबाद में तैनात पति का जब कुछ पता नहीं चला था तो उन्होंने विकास नगर थाने में पांच अक्टूबर को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि अधीक्षण अभियंता मि. रावत की प्रताड़ना की वजह से वह कहीं चले गए है। इसके बाद से पूरा परिवार उन्हें ढूंढ़ रहा था।

घर पर पत्र पहुंचने से मचा हड़कम्प

पत्नी सुषमा सिंह ने बताया कि पति की राइटिंग में लिखा हुआ एक पत्र सात अक्टूबर को मिला। इसमें उन्होंने लिखा था कि उनके फैजाबाद कार्यालय के तीन कर्मचारियों व पूर्व मुख्य अभियंता ने करोड़ों रुपए के फर्जी भुगतान किए हैं। इसका विरोध करने और इस बारे में लिखापढ़ी करने से ये सब नाराज हैं और हमें धमका रहे हैं। इन लोगों ने ही मेरा प्रमोशन भी नहीं होने दिया है। यह मामला कोर्ट में भी चला लेकिन विभाग कोर्ट के आदेश भी नहीं मान रहा है। इन लोगों ने मिलीभगत पर अजीबोगरीब शासनादेश जारी कराकर तबादला भी करवाया। मैं तुम्हारे मामा के नौतनवा स्थित घर पर जा रहा हूं। इस पत्र में उन्होंने नदी में कूदकर जान देने की बात भी लिखी और कहा कि मेरे बाद नौकरी कर लेना। इस पत्र को कोर्ट में याचिका दाखिल कर जरूर लगा देना।

तीन दिन पहले लाश मिली, सरोजनीनगर पुलिस लापरवाह बनी रही

तीन दिन पहले संजय का शव कानपुर रोड स्थित दारोगाखेड़ा के पास लावारिस हालत में मिला लेकिन सरोजनीनगर पुलिस लापरवाह बनी रही। पुलिस ने शिनाख्त कराने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए। बुधवार को जब सरोजनीनगर पुलिस से सुषमा को सूचना मिली तो वह पहचान करने मच्र्यरी पहुंची। यहां पति के शव को देखकर वह चीख पड़ी। इसके बाद ही विकास नगर पुलिस को सूचना दी गई कि संजय की लाश मिल गई है। परिवारीजनों का आरोप है कि सरोजनीनगर पुलिस लापरवाह बनी रही। वहीं पुलिस का कहना है कि कानपुर रोड पर संजय के घायल पड़ा होने की खबर मिली थी। पुलिस जब वहां पहुंची तो उनके पैर में चोट मिली। गर्दन के पास से खून निकल रहा था। उन्हें लोकबंधु अस्पताल लाया गया जहां इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

फर्जी दस्तावेज से नौकरी में जेल गए थे

एसओ विकास नगर अरुण सिंह ने बताया कि सुषमा के गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद टीम फैजाबाद गई थी। वहां पता चला था कि संजय ने फर्जी दस्तावेज से मृतक आश्रित कोटे में नौकरी पाई थी। इसमें जांच के बाद फैजाबाद में मुकदमा दर्ज हुआ था जिसमें संजय व सुषमा को जेल जाना पड़ा था। दोनों लोग इस समय जमानत पर बाहर है। अब उनकी लाश मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पत्नी बोली-सब मिले हुए हैं, इंजीनियरों ने कराई हत्या

सुषमा का कहना है कि विभाग के भ्रष्ट लोग व दो इंजीनियर मिले हुए हैं। इन लोगों ने ही कई सालों से पति का वेतन नहीं बढ़ने दिया और न ही उन्हें प्रमोशन पाने दिया। जब पति ने इनके गोरखधंधों को उजागर किया तो इन लोगों ने धमकाना शुरू कर दिया। 29 अक्टूबर की सुबह ही पति ने कहा था कि उनका मन घबरा रहा है। ये सब लोग उनकी हत्या कर सकते हैं। इनसे बचने के लिए वह यहां से जा रहा है। इसके बाद से ही उनका फोन भी स्विच ऑफ हो गया है। सुषमा ने बताया कि पत्र मिलने के बाद ही उन्होंने एसएसपी से भी न्याय की गुहार लगाई थी।

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