class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

स्थानीय निकायकर्मी करेंगे प्रदेश व्यापी आंदोलन

उप्र स्थानीय निकाय महासंघ की प्रदेश कार्य समिति की बैठक में हुआ फैसला

लखनऊ। प्रमुख संवाददाता

नगर निकाय कर्मचारियों को वेतन भत्तों व पेंशन आदि का समय से भुगतान न किये जाने तथा अन्य समस्याओं को लेकर उप्र स्थानीय निकाय महासंघ ने प्रदेशव्यापी आंदोलन करने का फैसला किया है। 31 मई से जनजागरण की शुरूआत होगी। माहभर बाद आंदोलन के तिथि की घोषणा होगी।

इस संबंध में शनिवार को नगर निगम के न्यू कमेटी हाल में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र की अध्यक्षता में प्रदेश कार्य समिति की बैठक हुई। उन्होंने कहा कि राज्य वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि से बिना किसी कारण कटौती की जा रही है। इससे कर्मचारियों के वेतन पर संकट खड़ा हो गया है। उनको समय से वेतन नहीं मिल पा रहा है। सातवें वेतन आयोग की संस्तुति लागू होने से घन की कमी बढ गई है। कर्मचारियों को बकाया भी बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की 17 सूत्री मांगों को लेकर गत 21 मार्च को धरना-प्रदर्शन के बाद नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया था और समयबद्ध निराकरण निराकरण की मांग की गई थी लेकिन अब तक प्रदेश सरकार व नगर विकास मंत्रालय की ओर से कोई शुरू नहीं हुई है। कर्मचारियों को अब आंदोलन का रास्ते पर चलना मजबूरी है।

शशि मिश्र ने कहा कि 31 मई से 30 जून तक प्रदेश के सभी नगर निकायों में जनजागरण किया जाएगा। नगर आयुक्त व अधिशासी अधिकारियों के माध्यम से नगर विकास मंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। इस बीच सरकार व नगर विकास मंत्रालय की ओर से समारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो एक जुलाई को कानपुर नगर निगम में महासंघ की बैठक होगी। बैठक में प्रदेशव्यापी आदोलन के तिथि की घोषण कर दी जाएगी। बैठक में रमाकान्त मिश्र, प्रदीप सिंह, कैसर रजा, गोमती त्रिवेदी, कौशल शुक्ला, जयपाल पटेल, विनोद, मोहम्मद वारसी, कमलेश्वर सिंह, संजय प्रकाश, विमला तिवारी, आनन्द मिश्रा, राकेश अग्निहोत्री सहित इकाइयों के प्रतिनिधि शामिल थे।

प्रमुख मांगें

-राज्य वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि से हो रही कटौतियों को तत्काल बन्द किया जाए और इस धनराशि को सातवां वेतन आयोग लागू होने से बढ़े व्ययभार के अनुसार बढ़ाया जाए।

-31 दिसम्बर 2001 तक कार्यरत दैनिक वेतन, संविदा, वर्कचार्ज कर्मचारियों को विनियमित करने का आदेश जारी किया जाए। 23 जुलाई 2012 को प्रदेश की इकाईयों से निकाले गए सभी संवर्ग के कर्मचारियों की सेवा बहाली हो और 31 दिसम्बर 2001 के आदेश से आच्छादित किया जाए।

-वेतन विसंगतियों के मामलों को वेतन समिति-2016 के माध्यम से जल्द निस्तारित कराया जाए।

-रिक्त पदों के सापेक्ष विभिन्न इकाईयों में पिछले 10-15 वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को तत्काल स्थाई किया जाए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Local body will conduct state-wide agitation