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उद्यमशीलता जोखिम लेना नहीं बल्कि यह जोखिम प्रबंधन है-प्रो. सलीम

उद्यमशीलता जोखिम लेना नहीं है बल्कि यह जोखिम प्रबंधन है। इसके लिए सोच बड़ी होने चाहिए और कदम छोटे-छोटे रखने चाहिए। यदि कोई झटका भी लगे तो संभल सकें। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय कामर्स विभाग के प्रो. इमरान सलीम ने बुधवार को इन्टीग्रल विश्वविद्यालय में यह सुझाव दिए। वह विवि में आयोजित ‘उद्यमिता जागरुकता अभियान में बोल रहे थे।

इसका आयोजन इन्टीग्रल विश्वविद्यालय के उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ (ईडीसी) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर के उद्यमिता सेल (ईसी) ने सुयक्त रुप से किया है। इसमें मुख्य वक्ता के रुप में बोलत हुए प्रो. इमरान सलीम ने कहा कि उद्यमिता के लिए पैसा जरुरी नहीं है जरुरी है कि आपका विजन कैसा है? बड़ा सोचें पर शुरुआत छोटी से करें। किसी भी काम को सरलता से प्रारम्भ करें। उन्होंने छात्रों से कहा कि आप जिसे खुद समझ सकें आपको वहीं काम करना चाहिए। साथ ही सलाह दी कि किसी की नकल नहीं करें और न ही भेड़ चाल चलें। उद्योग जगत के प्रतिनिधि टेस्टपीटारा के वित्त रणनीतिकार देवेन्द्र डांग ने कहा कि असुविधा के बीच कैसे आगे बढ़ना ही उद्यमिता है। यह जरुरी नहीं है कि धन और सुविधा से ही सब कुछ हासिल होता है। अपना खुद का काम करने के लिए साहस पहली शर्त है। इसके बिना कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता है। हर किसी उद्योगपति की सफलता के पीछे साहस, लगन और मेहनत होती है। केवल धन उनकी सफलता का पैमाना नहीं था।

इसके पूर्व विवि के मैनेजमेंट एंड रिसर्च संकाय के डीन और ईडीसी के अध्यक्ष प्रो. आफताब आलम के अलावा विवि के प्लेसमेंट सेल के निदेशक कमांडर आरपी सिंह ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि यह कार्यक्रम आईआईटी खड़गपुर का प्रमुख कार्यक्रम है। उनके साथ मिलकर विवि में यह पिछले दो वर्ष से आयोजित हो रहा है। इसमें छात्र ‘उपलब्धि प्राप्त लोगों से सीख लेते हैं। उभरते उद्यमियों के लिए ईऐडी मंच की भूमिका निभाता है। कार्यक्रम में एलेक्सा समूह के संस्थापक आदित्य सिंह, केयर डोस की सीईओ सुश्री गौरी अंग्रीश ने भी अपने विचार रखे। इसमें करीब 1900 छात्रों ने भाग लिया।

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  • Web Title:Enterprise risk management but do not take risks-Pro. Salim