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बुखारी ने संभाला मोर्चा, अखिलेश ही होंगे सपा का ‘चेहरा

-तीन तलाक के मुद्दे पर मौलाना सैयद राबे हसनी नदवी के साथ की चर्चा- प्रदेश में मुस्लिम मतों को बिखरने से रोकने की कवायद प्रमुख संवाददाता / राज्य मुख्यालयसमाजवादी पार्टी में मची रार में सुलह कराने का मोर्चा बुधवार को दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना अहमद बुखारी ने संभाला। पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से दो चक्रों में अलग-अलग बातचीत करने के बाद उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव को भी बुलवाया और तीनों को एक साथ बैठाकर बातचीत की। सूत्रों का दावा है कि बुखारी की यह पहल सपा के लिए सुखद रही। इसमें अखिलेश यादव को सपा का मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर चुनाव में उतरने पर सहमति बन गई। लखनऊ पहुंचने के बाद मौलाना अहमद बुखारी ने सबसे पहले सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से उनके विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर करीब आधे घंटे तक बातचीत की। इसके बाद वह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने उनके सरकारी आवास पर गए। मुख्यमंत्री से भी आधे घंटे की बातचीत के बाद वह वापस सपा मुखिया के पास आए और कुछ मुद्दों पर उनसे चर्चा की। सपा मुखिया से मिलने के बाद वह फिर मुख्यमंत्री के पास गए। दो चक्रों में दोनों से अलग-अलग बातचीत के बाद वह फिर सपा मुखिया के पास आए, जहां अंतत: तय हुआ कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव को भी बुलाकर बातचीत हो। इसके बाद दोनों को सपा मुखिया के आवास पर बुलाया गया, जहां तीनों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में कई मतभेद दूर हो गए और सपा के मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में अखिलेश यादव का नाम आगे आकर वर्ष 2017 का चुनाव लड़ने पर सहमति बन गई। मौलाना अहमद बुखारी के करीबी लोगों का कहना है कि यह पहल वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में मुस्लिम मतों का बिखराव रोकने के लिए की गई। मौलाना सैय्यद राबे हसनी नदवी से भी की मुलाकातसपा नेताओं से बैठक के बाद मौलान अहमद बुखारी इस्लामिक शिक्षा के प्रमुख केंद्र नदवा गए, जहां उन्होंने आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैयद राबे हसनी नदवी से मुलाकात की। बैठक में ‘तीन तलाक के मुद्दे पर चर्चा हुई। मौलाना बुखारी ने कहा कि देश की 125 करोड़ की आबादी में मुस्लिम मात्र 15 करोड़ हैं। अन्य धर्मों के भी लगभग 200 पर्सनल लॉ हैं लेकिन मुसलमानों पर एकतरफा हमला हो रहा है। समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर केंद्र सरकार को पहले गैर मुस्लिमों की प्रतिक्रिया लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चुनावी लाभ के लिए मुस्लिमों को भड़का रही है। वह ध्रुवीकरण कराने की कोशिश में है। मौलाना बुखारी ने कहा कि पर्सनल लॉ बोर्ड को यह मामला जनता के बीच ले जाने के बजाए सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखना चाहिए।

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  • Web Title:Akhilesh yadav will be the CM face of SP
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