class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गोसाईंगंज में वकील की हत्या

- दहिरामऊ गांव की घटना

- शौच के लिए लोनी नदी के किनारे गया था वकील

- दो गोली मारने के बाद हत्यारों ने चाकू से रेता गला

- सगे चाचा समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

गोसाईंगंज। हिन्दुस्तान संवाद

दहिरामऊ गांव में बिजली का खम्भा हटवाने को लेकर चल रहे विवाद में बदमाशों ने वकील श्रीकान्त वर्मा (42) की नृशंस हत्या कर दी। श्रीकान्त शनिवार सुबह लोनी नदी के किनारे शौच के लिए गए थे। वहां घात लगाए बैठे बदमाशों ने श्रीकान्त को पहले गोली मारी फिर चाकू से गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया।

मृतक के भाई कपिल देव ने सगे चाचा अजय वर्मा समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। उधर, घटना से नाराज ग्रामीणों ने आरोपियों के घर व पुलिस की गाड़ियों पर पथराव कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस आरोपियों को शह दे रही है। अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।

गोसाईंगंज के दहिरामऊ गांव निवासी श्रीकान्त वर्मा पेशे से वकील थे। उनके परिवार में छोटा भाई कपिल देव, मां रामा देवी, पत्नी अनीता, बेटा आशुतोष, बेटी मुस्कान और गरिमा है। घरवालों के मुताबिक शनिवार सुबह श्रीकान्त गांव के बाहर लोनी नदी के किनारे शौच के लिए गए थे। छोटे भाई कपिल देव ने बताया कि उसके चाचा अजय वर्मा, उनके बेटे विकास व विशाल तथा गांव के ही चंद्रशेखर व उसका बेटा श्रवण वहां पहले से घात लगाए बैठे थे। इन लोगों ने श्रीकान्त पर गोलियां चला दी। एक गोली श्रीकान्त के चेहरे और दूसरी पीठ में लगी जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़े। इसके बाद बदमाशों ने धारदार हथियार से गला रेतकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने कपिल की तहरीर पर अजय वर्मा, विकास, विशाल, चन्द्रशेखर व श्रवण के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।

चाचा के खिलाफ प्रधान का समर्थन किया था

कपिल ने बताया कि बीती 24 मार्च को बिजली का खम्भा हटवाने को लेकर गांव में विवाद हुआ था। यह खम्भा अजय के घर के सामने लगा था। वह चाहता था कि खम्भा न हटे जबकि खम्भा रास्ते में होने के कारण प्रधान राय सिंह इसे हटवाने में लगे थे। इसमें श्रीकान्त ने प्रधान का पक्ष लिया था। विवाद के दौरान प्रधान को मारने के लिए बांका लेकर दौड़ी अजय की पत्नी श्यामकली का श्रीकान्त ने वीडियो बना लिया था। बाद में उसने यह वीडियो क्लिप पुलिस को सौंपी थी। इससे नाराज अजय व अन्य आरोपी श्रीकान्त से रंजिश ठान बैठे थे। घरवालों के मुताबिक शुक्रवार शाम बिजली का खम्भा हटाने पर अजय व उसके बेटों ने श्रीकान्त को जान से मारने की धमकी देते हुए कहा था कि कल का सूरज नहीं देख पाओगे।

हत्या से नाराज ग्रामीणों ने किया पथराव

श्रीकान्त की नृशंस हत्या से ग्रामीण आग बबूला हो गए। ग्रमीणों का आरोप था कि पुलिस सूचना के करीब डेढ़ घंटे बाद पहुंची और मामले को दबाने में जुट गई। ग्ररमीणों का यह भी आरोप था कि हत्या के समय एक सिपाही व होमगार्ड आरोपी के घर पर थे। ग्रामीणों ने जब उन्हें घर से बाहर निकालने के लिए दबाव बनाया तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ना शुरू कर दिया। इससे बौखलाए ग्रामीणों ने आरोपी के घर व पुलिस की गाड़ियों पर पथराव कर दिया। पर, ग्राम प्रधान व अन्य सम्भ्रांत लोगों के समझाने पर लोग शांत हो गए। तब जाकर पुलिस ने सिपाही व होमगार्ड को आरोपी के घर से बाहर निकाला।

पुलिस पर मिलीभगत का आरोप

ग्रामीणों ने बताया कि 24 मार्च को हुए विवाद के बाद अजय वर्मा ने प्रधान राय सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उसने मुख्यमंत्री से भी मिलकर गुहार लगाई थी। इस पर तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी ने एक सिपाही व एक होमगार्ड की गांव में ड्यूटी लगाई थी। एसओ बलवंत साही ने बताया कि सिपाही सत्यजीत व होमगार्ड श्रवण गांव में तैनात थे। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि सिपाही व होमगार्ड अजय के घर में ही रुकते थे। वारदात में उन लोगों ने आरोपियों का साथ दिया। पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

चंद महीने पहले हुई थी पिता की मौत

श्रीकान्त की मौत की खबर मिलते ही पत्नी अनीता बेहोश हो गई। मां रामा देवी बदहवास हो गईं। वहीं बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीणों ने बताया कि चंद महीने पहले ही श्रीकान्त के पिता की बीमारी से मौत हुई है। अब श्रीकान्त की मौत से परिवार के भरण पोषण पर सवाल खड़ा हो गया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:A lawyer shot dead in a dispute over deportation in Gosainganj