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इंजीनियर्स एसोसिएशन के चुनाव में नारेबाजी

लखनऊ

उप्र इंजीनियर्स एसोसिएशन के चुनाव में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। चुनावी प्रक्रिया का विरोध कर रहे लोग मंच पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने चुनाव अधिकारी और नई कार्यकारिणी के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध कर रहे लोगों से दूसरे खेमे के लोगों से तू-तू मैं-मैं भी हुई। सहायक अभियंता एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेन्द्र निगम ने कहा कि 21वीं सदी में हाथ उठवाकर चुनाव कराना सरासर गलत है। चुनाव अधिकारियों ने किसको कितने वोट मिले यह तक नहीं बताया। हाथ उठवाकर फर्जी तरीके से कार्यकारिणी का गठन कर दिया गया। सुनील सागर ने कहा कि विरोध करने पर जातिसूचक बातें कहीं गईं। उन्होंने कहा कि इस चुनाव के विरोध में अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। इसी के साथ यूपीए की सदस्यता भी वापस लेंगे। विरोध करने वालों में मंजरी वर्मा, पारितोष सिंह आदि शामिल रहे। गनीमत इतनी ही रही कि कार्यक्रम का उद्घाटन करने आए राज्यपाल के जाने के बाद हंगामा हुआ।

अजय सिंह चुने गए अध्यक्ष
जबर्दस्त विरोध होने के बावजूद उत्तर प्रदेश इंजीनियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह
और महासचिव एसएस निरंजन को चुन लिया गया। विरोध कर रहे लोगों ने धमकी दी है कि चुनाव में अपनाई गई प्रक्रिया के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे और संगठन से अपनी सदस्यता भी वापस लेने का फैसला लिया है।

हाथ उठाकर सदस्यों ने पदाधिकारियों का किया चुनाव
उ.प्र. इंजीनियर्स एसोसिएशन की कार्यकारिणी का चुनाव गुरुवार को सम्पन्न हुए। चुनाव अधिकारी एसपी सिंघल और अमर कुमार वर्मा ने सभा में मौजूद सदस्यों के हाथ उठवाकर चुनाव कराया। चुनाव अधिकारियों ने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए अजय कुमार सिंह, महासचिव पद के लिए एसएस निरंजन, कोषाध्यक्ष अतुल कुमार मौर्य, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील कुमार, अति. महासचिव ज्ञानेश्वर प्रसाद, वित्त सचिव अनिल कुमार, संगठन सचिव अशोक कुमार, समन्वय सचिव अनुपम कुमार को चुना गया। वहीं विभागीय समितियों में लोनिवि-अध्यक्ष जेपी तिवारी, सचिव दयाराम सत्यार्थी, सिंचाई विभाग अध्यक्ष प्रभात कुमार सिंह , सचिव दिनेश कुमार, सिंचाई यांत्रिक विभाग- अध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार गुप्ता और सचिव पियूष निरंजन और उ.प्र. जल निगम अध्यक्ष आनन्द मूर्ति और सचिव नौशाद अहमद को चुना गया।

1924 से चली आ रही यह चुनावी प्रक्रिया
नवनिर्वाचित अध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने चुनाव प्रक्रिया का विरोध कर रहे सवाल पर कहा कि यह चुनावी प्रक्रिया वर्ष 1924 से चली आ रही है। हमारी कार्यकारिणी स्वयं इस चुनावी प्रक्रिया से हटकर मतदान व्यवस्था को अपनाने चाहती है। इसीलिए इस बार कार्यकारिणी में बैलेट से चुनाव कराने का प्रस्ताव किया गया है। बिना नोटिफाइड के यह प्रक्रिया अपनाई नहीं जा सकती। संभवत: अगली बार बैलेट से चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।

जनता को तुरंत लाभ मिले, ऐसा काम करें इंजीनियर : राज्यपाल
गुरुवार को लोक निर्माण विभाग के विश्वेश्वरैया प्रेक्षागृह में उ.प्र. इंजीनियर्स एसोसिएशन का 54वां महाधिवेशन आयोजित किया गया। महाधिवेशन का मुख्य अतिथि राज्यपाल राम नाईक ने उद्घाटन किया। महाधिवेशन में राज्यपाल ने कहा कि इंजीनियर को ऐसा काम करना चाहिए जिसका त्वरित लाभ जनता को मिल सके। उन्होंने कहा कि कई वर्षों तक इंजीनियर्स की भर्ती न होने से काफी संख्या में आवेदन आ जाते हैं। ऐसे में संगठन ने जो मांग की थी उसको संज्ञान में लेते हुए सरकार ने हर वर्ष कमीशन द्वारा इंजीनियर्स भर्ती करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही जो अन्य मांग संगठन मेरे सामने लाया है उस पर जल्द ही मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत कर दिया जाएगा। महाधिवेशन में अभियंताओं की समस्याओं के साथ ही तकनीकी विषयों पर भी विचार विमर्श किया गया। 

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  • Web Title: sloganeering in election of engineers association