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बाल अधिकारों के संरक्षण में गरीबी बाधक
First Published:30-07-12 12:08 AM
देहरादून। कार्यालय संवाददाता
डीएवी पीजी कालेज में उत्तराखंड में बाल अधिकारों की स्थिति विषय पर आयोजित सेमिनार में वक्ताओं ने विचार रखे। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत ने गरीबी को बाल अधिकारों के संरक्षण में बाधक बताया।डीएवी कालेज के समाजशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित सेमिनार के समापन सत्र में कहा कि, बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। लेकिन जब तक शिक्षा की दशिा में काम नहीं होगा। गरीब तबका बाल अधिकारों के प्रति जागृत नहीं होगा। उन्होंने कहा कि, पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों में गरीबी बहुत अधिक है। रोजगार के साधन सीमित हैं। नौकरी के लिए घर से बाहर जाना ही होता है। ऐसे में बाल अधिकार की बात करना बेमानी लगता है। राज्य में तीन लाख से अधिक बीपीएल श्रेणी के परिवार हैं, जिन तक शिक्षा की जोत पहुंचानी जरूरी है। हालांकि भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में शिक्षा के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया। मेडिकल की शिक्षा को आम लोगों की पहुंच में किया। सेमिनार में डीएवी पीजी कालेज के प्राचार्य डा.देवेन्द्र भसीन, जामिया मिलिया के विश्वविद्यालय के प्रो.ए खान ने भी उत्तराखंड में बाल अधिकारों की स्थिति पर अपने विचार रखे। मौके पर सेमिनार संयोजक डा.रविभूषण पांडेय, प्रो.सुरेश कुमार, डा.गोपाल कृष्णन, डा.अंजु बाली पांडेय मौजूद थे।
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