शनिवार, 25 अक्टूबर, 2014 | 17:26 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
रक्षा खरीद परिषद ने करीब 80,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी।नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हादसा, ट्रेन के नीचे आने से एक व्यक्ति की मौतकेंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह महाराष्ट्र में सरकार के गठन के संदर्भ में आगामी सोमवार को राज्य का दौरा कर सकते हैं: सूत्र
हाईकोर्ट के आदेश से तय होगा निर्धन बच्चों का भविष्य
First Published:05-01-13 11:30 PM

फरीदाबाद कार्यालय संवाददाता

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी ईडब्ल्यूएस के छात्रों को जिले सहित प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त शिक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है। स्कूलों में 25 फीसदी दाखिले से जुड़े एजुकेशन रूल्स-2007 के नियम 134 ए की अनदेखी की जारी है। अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर इन बच्चों का भविष्य तय होगा। इस बाबत हाईकोर्ट की सुनवाई आठ जनवरी को होगी।

दरअसल, हाईकोर्ट के आदेश पर मॉनिटरिंग कमेटी बनी थी। कमेटी के अध्यक्ष व 2+5 मुद्दे जन आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष ने फरीदाबाद का दौरा कर ऐसे जरूरतमंद बच्चों और स्कूलों की सूची तैयार की थी। जिसे बाद में कोर्ट में पेश किया गया। प्रदेश के 21 जिलों से इसकी सूची बनाकर कोर्ट में पेश किया गया था। हरियाणा सरकार से मामले पर जवाब तलब किया गया है। जिले से करीब ढाई सौ बच्चों और प्रदेश से करीब साढ़े सात हजार जरूरतमंद विद्यार्थी हैं।

मौजूदा सत्र से लाभ देने के थे निर्देश : हाईकोर्ट ने दो लाख रुपये या इससे कम वार्षिक आय वाले परिवारों को हरियाणा के सभी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी (ईडब्ल्यूएस) का लाभ मौजूदा शैक्षिक सत्र से ही देने का निर्देश दिया था। कहा गया कि बच्चों के अभिभावक इसके लिए अपने अपने इलाकों के जिला शिक्षा अधिकारी से लाभ हासिल करने के लिए संपर्क कर सकते हैं। बावजूद इसके ये लाभ नहीं मिल रहे। क्या है मामला: वकील सतबीर सिंह हुडा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर मांग की थी कि सभी स्कूलों को निर्देश दिए जाएं कि ईडब्ल्यूएस श्रेणी में बच्चों को दाखिला दिया जाए।

स्कूल लाभ कमाने के लिए इन सीटों पर दाखिला नहीं दे रहे हैं। यह है हरियाणा शिक्षा नियामवली संशोधन-2003 की उपधारा: 134ए के मुताबिक निजी स्कूलों को पच्चीस फीसदी गरीब प्रतिभावान बच्चों को दाखिला देना आवश्यक है। इन बच्चों से सरकारी स्कूलों की फीस के बराबर ही फीस वसूली जा सकती है। जबकि इनकी और अन्य बच्चों की फीस का अंतर अन्य छात्र-छात्राओं से लिया जा सकता है। निजी स्कूल कर चुके हैं विरोध: हरियाणा एजुकेशन एक्ट के खिलाफ इस साल स्कूलों ने एक दिन बंद कर विरोध जताया था और रोहतक में एक रैली की थी।

वहीं दोबारा 29 अक्टूबर से फिर तीन दिन स्कूल बंद किया था। आंकड़ो पर एक नजरहरियाणा में कुल स्कूल: 3832 इस सत्र में दाखिला: 395685 जरूरतमंद का एड़ाशिन: 35554फरीदाबाद में कुल स्कूल: 311 इस सत्र में दाखिला: 23304 जरूरतमंद का एड़ाशिन: 2526पलवल में कुल स्कूल: 251इस सत्र में दाखिला: 12932जरुरतमंद का एड़ाशिन: 718(स्रोत: हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा हाईकोर्ट मॉनिटरिंग कमेटी दी रिपोर्ट)वंचित बच्चों की संख्या पर एक नजरफरीदाबाद : 210पलवल : 419।
 
 
 
 
टिप्पणियाँ