शुक्रवार, 28 नवम्बर, 2014 | 09:40 | IST
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नेशनल हाइवे 91 पर किसानों ने लगाया जाम
First Published:03-01-13 11:06 PM

 दादरी। हमारे संवाददाता

पोंटी चड्ढा की कंपनी वेव इंफ्रास्ट्रक्चर के हाइटेक सिटी प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे किसानों ने गुरुवार को नेशनल हाइवे 91 जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक सैकड़ो किसान सड़क पर बैठे रहे।

ये लोग डीएसपी को बर्खास्त करने और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे थे। जाम के कारण नेशनल हाइवे पर कई किलोमीटर तक वाहनों की लाइन लग गईं, जिससे हजारों लोगों को कड़ाके की ठंड में ठिठुरना पड़ा। दुजाना गांव के किसान पिछले छह माह से हाइटेक सिटी के खिलाफ धरना दे रहे हैं। लेकिन कंपनी और जिला प्रशासन किसानों को सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। बुधवार को दुजाना, कचैड़ा, दुरियाई समेत कई गांवों की सैकड़ो महिलाएं और किसान एकजुट होकर गाजियाबाद के नायफल गांव में चल रहे बिल्डर के निर्माण कार्य को रुकवाने पहुंचे थे।

बताया जाता है कि वहां मौजूद दादरी के डीएसपी अरविंद कुमार ने लाठी चार्ज का आदेश दे दिया। पुलिस वालों ने लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। इस दौरान महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। इस लाठी चार्ज में राजेश देवी, राजवती, केला देवी, माया देवी, नरेंद्र, अजय, जयपाल सिंह समेत बड़ी संख्या में किसान घायल हो गए। पुलिस की इस बर्बरता से नाराज किसानों ने गुरुवार की दोपहर दुजाना गेट के सामने नेशनल हाइवे 91 जाम कर दिया। सैकड़ो किसान और महिलाएं रोड पर बैठे गए।

किसान दादरी के डीएसपी अरविंद कुमार को बर्खास्त करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की मांग कर रहे थे। किसानों ने करीब दो घंटे तक रोड जाम करके पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। नेशनल हाइवे 91 पर दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। हाइवे पर दोनों ओर कई किलोमीटर लंबी वाहनों की लाइन लग गई। इससे हजारों लोगों को कई घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ा। सूचना पाकर ग्रेटर नोएडा के डिप्टी कलेक्टर बच्चाू सिंह मौके पर पहुंचे।

किसानों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा। जिसमें दादरी के डीएसपी पर कार्यवाही और लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने मांग की है। डिप्टी कलेक्टर ने किसानों को जांच का आश्वासन दिया। उसके बाद किसानों ने नेशनल हाइवे पर यातायात बहाल होने दिया। ---शुक्रवार को जंतर-मंतर जाएंगे किसानशुक्रवार को हाइटेक सिटी से प्रभावित गांवों के किसान दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्र्दशन करेंगे। किसानों ने बताया कि पुलिस द्वारा बेगुनाह महिलाओं के साथ जो अत्याचार किया गया है, उसका विरोध किसान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर देश भर के लोगों को बताएंगे।

एक तरफ जहां महिलाओं को इंसाफ दिलाने के लिए कानून बनाने की मांग की जा रही है वहीं दूसरी ओर कानून के रखवाले ही महिलाओं के साथ अत्यचार कर रहे हैं। ---सीएम को जिले में नहीं घुसने देने की चेतावनीकिसानों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के अंदर मामले की निष्पक्ष जांच करके दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो 10 जनवरी को किसान मुख्यमंत्री को जिले में नहीं घुसने देंगे। किसानों में पुलिस के प्रति गहरी नारजगी व्यक्त की है।

10 जनवरी को सीएम का मोदी नगर में कार्यक्रम प्रस्तावित है। ---दादरी के इंस्पेक्टर से हुई झड़पगुरुवार को जाम लगा कर रोड पर बैठे किसानों के साथ पुलिस की झड़प हुई। मौके पर पहुंचे दादरी के इंस्पेक्टर विजय कुमार ने किसानों से रोड से हटने का दबाव बनाया। इस बीच किसानों की इंस्पेक्टर के साथ झड़प हो गई। ---महिलाओं के हाथों में आया फै्रक्चरकिसानों ने बताया कि बुधवार को पुलिस लाठी चार्ज के दौरान तीन महिलाओं के हाथ में फ्रैक्चर हो गए हैं।

ऐसी स्थिति में घरेलू कामकाज करने वाली महिलाएं काफी पेरशान हैं। गांव की महिलाओं में भी पुलिस के प्रति काफी नाराजगी है। आरोप है कि पुलिस ने महिलाओं पर लाठी चार्ज करके तानाशाही रवैया अपनाया है। ---किसानों पर एफआईआर की तैयारीबादलपुर कोतवाली पुलिस किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रही है। पुलिस किसानों के खिलाफ राष्ट्रीय राज मार्ग 91 बाधित करने, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने और सरकारी कामकाज में दखल देने के आरोपों में मामला दर्ज करेगी।

---‘किसान बुधवार को गाजियाबाद जिले के नायफल गांव में प्रदर्शन करने गए थे। वह गांव दादरी के डीएसपी के न्यायाधिकार में नहीं हैं। डीएसपी ने दूसरे जिले में जाकर किसानों पर लाठियां बरसाई हैं। नायफल गांव गाजियाबाद क्षेत्र में आता है। प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। नहीं तो व्यापक आंदोलन होगा। ’इंदर सिंह नागर, किसान नेता---‘प्रकरण में जांच की जाएगी। किसानों की ओर से एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम दिया गया ज्ञापन मिला है। ज्ञापन सीएम को भेजा जा रहा है।

’एमकेएस सुंदरम्, जिलाधिकारी, गौतमबुद्ध नगर---‘किसान झूठ बोल रहे हैं। पुलिस ने किसानों को बिल्डर के कार्यालय में घुसने से रोका था। इस बीच धक्का-मुक्की हुई। जिसमें किसानों को चोट लग गई होगी। मैंने पुलिस को लाठी चार्ज करने का आदेश नहीं दिया था। ’अरविंद कुमार, डीएसपी, दादरी।

 
 
 
 
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