बुधवार, 29 जुलाई, 2015 | 12:22 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया, राजीव गांधी के हत्यारों को फांसी नहीं होगी, तीनों हत्यारों को उम्रकैद मिलीअंशू गुप्ता और संजीव चतुर्वेदी को रनम मैगसेसे अवॉर्ड मिला, एनजीओ गूंज की संस्थापक हैं अंशू गुप्ता, भष्टाटार से लड़ाई पर संजीव चतुर्वेदी को मिला अवॉर्डछत्तीसगढ़ में आयकर विभाग की छापेमारी, 120 अधिकारियों की टीम मौके पर, पॉवर प्लांट कारोबारियों के यहां छापेमारी
एकजुट हुए लोग, महफूज रहें महिलाएं व शहर
First Published:02-01-2013 11:51:23 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

साल के दूसरे दिन गाजियाबाद के प्रबुद्ध लोग एकजुट हुए एक नए संकल्प के साथ। दिल्ली में चलती बस में एक युवती के साथ हुई हैवानियत ने देशभर को झकझोर कर रख दिया है। युवती की मौत के बाद शहरवासियों की भावनाएं उद्वेलित हैं, सभी का मानना है कि महिलाएं दिन हो या काली रात, जब चाहे सड़क पर या घर में अपने आपको सुरक्षित महसूस करें। शहरवासियों ने बुधवार को इसी कड़ी में तय किया है कि हम एकजुट हैं।

एकजुट हैं अपने घर की महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ही नहीं बल्कि सड़क पर चलने वाली हर बहन और बेटी के लिए। हिन्दुस्तान ने सुरक्षित शहर-सुरक्षित महिलाओं का जब आह्वान किया तो शहर के हर तबके के लोग शांति और सदभाव के प्रतीक महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने एकत्र हुए और संकल्प लिया कि हम एक हैं। हम एक हैं नारी को सुरक्षित करने में, हम एक हैं गाजियाबाद को सुरक्षित करने में। बुधवार की सुबह लोहिया नगर का गांधी पार्क गवाह बना समाज में एकजुटता की एक नई मिसाल का।

हिन्दुस्तान ने जब शहर के प्रबुद्ध लोगों से एक मंच पर जुटने का आव्हान किया तो उम्मीद से भी ज्यादा लोगों ने एकजुटता का परिचय दिया। हाड़ कंपा देने वाली बर्फीली हवाएं भी शहरवासियों के जज्बे को रोक नहीं सकीं। सुबह साढ़े दस बजे गांधी पार्क में जुटे शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने संकल्प लिया कि हम शहर को सुरक्षित रखने में कोई कसर नहीं छोडेम्ंगे। इस मौके पर महिलाओं ने भी बढ़ चढ़कर भाग लिया।

समाज के सभी तबकों से पहुंचे लोगों ने संकल्प से पूर्व और संकल्प के बाद सिर्फ यही इच्छा जताई कि ज्यादा से ज्यादा लोग समाज के एकजुट हों और समाज को नुकसान पहुंचाने वालों का फन कुचला जा सके।

 
 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
Image Loadingप्रतिबंध हटाने के लिए बीसीसीआई से संपर्क करूंगा: श्रीसंत
जब वह तिहाड़ जेल में था तो वह आत्महत्या के बारे में सोच रहा था लेकिन तेज गेंदबाज एस श्रीसंत को अब उम्मीद बंध गई है कि वह वापसी कर सकते हैं और खुद पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिये वह बीसीसीआई से संपर्क करेंगे।
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड