सीएसके के मालिक मयप्पन गिरफ्तार
सीएसके के मालिक मयप्पन गिरफ्तार
मुंबई फाइनल में, फिर भिड़ेगा चेन्नई से मुंबई फाइनल में, फिर भिड़ेगा चेन्नई से मुंबई फाइनल में, फिर भिड़ेगा चेन्नई से श्रीनिवासन पर पद छोड़ने का बढ़ा दबाव
श्रीनिवासन पर पद छोड़ने का बढ़ा दबाव
आईपीएल को छोड़ने की तैयारी में पेप्सी
आईपीएल को छोड़ने की तैयारी में पेप्सी
आईपीएल को छोड़ने की तैयारी में पेप्सी
गैंगरेप मृतका को अशोक चक्र से सम्मानित किया जाए: विजेन्द्र
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:02-01-13 05:41 PM
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई ने सामूहिक बलात्कार की शिकार युवती को देश में बहादुरी के सर्वोच्च नागरिक सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किए जाने की मांग की है। भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने इस संबंध में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक आज एक पत्र लिखा है जिसमें उनसे आग्रह किया गया है कि सामूहिक गैंगरेप के बाद मृत लड़की को इस वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर बहादुरी के लिए अशोक चक्र दिया जाना चाहिए। उन्होंने पत्र में बलात्कारियों से संघर्ष करने के लिए लड़की की हिम्मत और बहादुरी और उसके बाद जिस तरह से उसने जज्बा दिखाया उसकी सराहना की।
गुप्ता ने लिखा है कि लड़की की बहादुरी से पूरे देश को सीख मिली है। प्रदेश अध्यक्ष ने इस संबंध में सुश्री नीरजा भनोट का उल्लेख किया है जो पान एएम एयरलाइसं में फ्लाईट अटेंडेंट थीं और विमान पर सवार यात्रियों को आतंकवादियों द्वारा अपहरण के समय उनकी जान बचाई थी। यह वाक्या पांच सितम्बर 1986 का है। वह यह सम्मान पाने वाली देश की सबसे युवा थी।
उन्होंने लिखा है .युवती का मृत शरीर जब सिंगापुर से दिल्ली लाया गया तो उस समय हवाई अड्डे पर उपस्थित चंद लोगों में वह भी शामिल थे। मुझे पूरा विश्वास है कि आप देश की भावनाओं को समझते हुए पीडिता को अशोक चक्र से सम्मानित करेंगे। उल्लेखनीय है कि पैरामेडिकल की 23 वर्षीय छात्रा के साथ 16 दिसम्बर की रात को चलती चार्टर्ड बस में सामूहिक बलात्कार किया गया था। कई दिन तक सफदरजंग अस्पताल में उपचार के बाद उसे इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था जहां उसकी मौत हो गई।
गुप्ता ने लिखा है कि लड़की की बहादुरी से पूरे देश को सीख मिली है। प्रदेश अध्यक्ष ने इस संबंध में सुश्री नीरजा भनोट का उल्लेख किया है जो पान एएम एयरलाइसं में फ्लाईट अटेंडेंट थीं और विमान पर सवार यात्रियों को आतंकवादियों द्वारा अपहरण के समय उनकी जान बचाई थी। यह वाक्या पांच सितम्बर 1986 का है। वह यह सम्मान पाने वाली देश की सबसे युवा थी।
उन्होंने लिखा है .युवती का मृत शरीर जब सिंगापुर से दिल्ली लाया गया तो उस समय हवाई अड्डे पर उपस्थित चंद लोगों में वह भी शामिल थे। मुझे पूरा विश्वास है कि आप देश की भावनाओं को समझते हुए पीडिता को अशोक चक्र से सम्मानित करेंगे। उल्लेखनीय है कि पैरामेडिकल की 23 वर्षीय छात्रा के साथ 16 दिसम्बर की रात को चलती चार्टर्ड बस में सामूहिक बलात्कार किया गया था। कई दिन तक सफदरजंग अस्पताल में उपचार के बाद उसे इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था जहां उसकी मौत हो गई।
00

टिप्पणियाँ
टिप्पणियॉ पढ़े(1)
Better hai pehle uus ko insaf dilvao fir soche ki kya award dena
By Rajesh (2nd-January-2013 06:57:PM)
स्थानीय ख़बरें
एन सी आर
पंजाब
उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें
आज का मौसम राशिफल



ई-मेल
