बुधवार, 26 नवम्बर, 2014 | 18:03 | IST
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बड़े भाई पर लगाया दुष्कर्म का आरोप
First Published:30-12-12 10:42 PM

नई दिल्ली अमित झा

क्लस्टर बस में किशोरी से हुई छेड़छाड़ के बाद जब पुलिस ने उसकी कहानी सुनी तो उनके भी पांव तले से जमीन खिसक गई। किशोरी का आरोप है कि घर में बड़ा भाई बीते छह माह से उसे हवस का शिकार बनाता था। सौतेली मां उसकी अकसर पिटाई करती है, इसलिए वह घर छोड़कर लाजपत नगर स्थित महिला आश्रय गृह जा रही थी। लेकिन बस में भी उसके साथ कंडक्टर ने छेड़खानी की। ऐसे में लगता है कि महिला घर से लेकर बाहर तक कहीं सुरक्षित नहीं है।

उधर ख्याला पुलिस का कहना है कि किशोरी के आरोप को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार रात लगभग 12 बजे किशोरी को बारखंभा थाने में लाया गया। वह बहुत रो रही थी। उसकी काउंसलिंग के लिए एक गैर सरकारी संस्था (एनजीओ) से संपर्क किया गया। एनजीओ से आई एक महिला ने किशोरी से जब बातचीत की तो वह हैरान रह गई। किशोरी ने महिला को बताया कि सौतेली मां से परेशान होकर वह वर्ष 2010 में ही घर छोड़कर चली गई थी।

उसे दो वर्ष तक प्रयास एनजीओ में रखा गया था। फरवरी 2012 में उसे परिजन घर ले आए थे। किशोरी का आरोप है कि घर पहुंचने के बाद उसका बड़ा भाई जबरन उससे शारीरिक संबंध बनाने लगा। उसने कई बार विरोध किया, लेकिन इसके बावजूद वह बीते छह माह से उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। आखिर परेशान होकर उसने दोबारा घर छोड़ने का मन बना लिया। उसने सोचा था कि वह घर से निकलने के बाद इस परेशानी से आजाद हो जाएगी।

लेकिन बस में फिर उसका सामना एक बदमाश से हो गया। उसने पहले तो उससे हमदर्दी जताते हुए बातचीत की पर कुछ ही देर बाद उससे छेड़खानी करने लगा। इतना ही नहीं उससे शादी करने की बात तक कहने लगा। उसने विरोध किया तो आरोपी ने उसे अपशब्द कहने के साथ ही जान से मारने की भी धमकी दी। किशोरी की बात सुनकर एनजीओ व पुलिस हैरान रह गई। ख्याला पुलिस से जब संपर्क किया गया तो पता चला कि रात एक बजे वहां किशोरी के अपहरण का मामला दर्ज किया गया है।

ख्याला पुलिस ने रविवार को किशोरी का अस्पताल में मेडिकल कराया। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि होने पर इस संबंध में मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस की सतकर्ता से पकड़ा आरोपीचलती बस में किशोरी से छेड़छाड़ के मामले में जहां एक तरफ रास्ते में बस की जांच नहीं किए जाने की बात सामने आई है, वहीं दूसरी तरफ तानसेन मार्ग पर पुलिस की सतर्कता के चलते ही आरोपी पकड़ा गया।

वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार थानाध्यक्ष सतीश शर्मा, सिपाही बाबू हलीम व वशि्राम के प्रयास से ही आरोपी मौके पर धरा गया। अपराध वर्ष 2010 वर्ष 2011 वर्ष 2012 रेप 507 568 670 (20 दिसम्बर तक)छेड़खानी 601 653 750(लगभग)परिचितों से भी है खतरावर्ष 2011 में बलात्कार का 97.5 फीसदी आरोपी थे पीड़ित के परिचित58 फीसदी घटनाओं में पीड़त के पारविारिक लोग, रशि्तेदार, दोस्त व परिचित रहे शामिल36.5 फीसदी आरोपी पीड़ित के पड़ोसी थेतीन फीसदी सहकर्मी थे दुष्कर्म के आरोपी2.5 फीसदी आरोपी ही थे पीड़िता से अनजान।

 
 
 
 
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