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आठ माह का बच्चा बिहार से मुक्त कराया
First Published:28-12-12 11:13 PM
नई दिल्ली राहुल शर्मा
एक दंपति के जब संतान नहीं हुई तो उन्होंने बच्चा गोद लेने की ठानी, लेकिन माली हालत ठीक नहीं होने से उन्हें बच्चा भी नहीं मिल सका। ऐसे में उन्होंने चोरी की नीयत से हरियाणा से दिल्ली जाकर किराये पर कमरा लिया। फिर पड़ाेसन के तीन पांच माह के मासूम बच्चों का अपहरण कर फरार हो गए। किरायेदार का सत्यापन नहीं होने से कोई रिकॉर्ड पुलिस के पास नहीं था। ऐसे में पूरा केस ब्लाइंड था और ऊपर से कोई फिरौती के लिए फोन भी नहीं किया गया।
लेकिन टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस ने बच्चों को तीन माह बाद बिहार से सकुशल मुक्त करा लिया। इस आरोप में दंपति को गिरफ्तार कर लिया गया है। सर्विलांस की मदद से हुआ खुलासाजांच में जुटी पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद से करीब 16 ऐसे लोगों की पहचान की जो वारदात वाले दिन इलाके में सक्रिय थे। फिर उनमें से शत्रुधन नामक शख्स ने पूछताछ में खुलासा किया कि वही किराये पर रहता था और बच्चा उसी ने चोरी किया था।
इसके बाद सरिता वहिार के एसीपी विपिन कुमार नैयर की देखरेख में बदरपुर थाने के इंस्पेक्टर जांच कमल किशोर, एसआई अमित और हवलदार योगेन्द्र ने टीम ने बिहार के सीतामढ़ी से आठ माह के बच्चों को सकुशल मुक्त करा लिया। ऐसे हुई थी वारदातबदरपुर स्थित पहले 60 फुटा पर पवन गीता पंडित के मकान में पत्नी, बेटी व बेटे सहित किराये पर रहता था। बीते तीन सितम्बर को आरोपी दंपति उसी मकान में किराये पर रहने आ गए। मात्र तीन ही दिनों में किराये पर आई महिला बबीता उर्फ संगीता ने पवन की पत्नी गुड़िया से गहरी दोस्ती कर ली।
फिर छह सितम्बर की शाम दोनों बाजार घूमने चली गईं। भीड़भाड़ की बात कहकर बबीता ने गुड़िया से बच्चों को अपनी गोद में ले लिया और अचानक से गायब हो गई। गुड़िया ने घर आकर देखा तो कमरे से पति-पत्नी गायब थे। फिर माजरा साफ हो गया कि वे दोनों ही बच्चा लेकर फरार हुए हैं। इसके बाद बदरपुर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पड़ाेस में बताया था बहन का बच्चाआरोपी शत्रुधन मूल रूप से बिहार के मुंगेर का रहने वाला है।
पति-पत्नी दिल्ली बॉर्डर से सटे फरीदाबाद स्थित सूरदास कॉलोनी में रहते हैं। लेकिन बच्चा चोरी करने के लिए दोनों किरायेदार बन गए और घर-घर जाकर छोटे बच्चों का मकान तलाश करने लगे। आखिर में छोटे बच्चों वाला मकान मिलने पर बच्चा चोरी करने में दोनों कामयाब हो गए। बच्चा चोरी करने के एक माह बाद तक दोनों सूरदास कॉलोनी में रहे थे जिसके बाद बबीता बच्चों को लेकर बिहार चली गई थी। फरीदाबाद में उसने पड़ोसियों को बताया था कि वह बच्चा उसकी बहन का है, जबकि बिहार में बताया था कि उसी ने बच्चों को जन्म दिया है।
बिहार दो साल बाद जाने की वजह से किसी ने उस पर शक भी नहीं किया था। बच्चा मिलने की आस टूट चुकी थीतीन माह बाद बेटे को गोद से लगाकर गुड़िया रोने लगी क्योंकि तीन माह के दौरान पति-पत्नी ने बच्चा मिलने की आस छोड़ दी थी। लेकिन बच्चा मिलने पर दोनों रह-रहकर पुलिस को दुआ दे रहे हैं।
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टिप्पणियाँ
टिप्पणियॉ पढ़े(1)
iski janch CBI se karani Ye kahani ho sakta hai Par real ma aapne bachhe ko bhin me aapane pas Dusaro ko kv nai Usame v bachha navajat
By prakash singh (29th-December-2012 08:52:AM)
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