सोमवार, 24 नवम्बर, 2014 | 23:21 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
Image Loading    श्रीनिवासन आईपीएल टीम मालिक और बीसीसीआई अध्यक्ष एकसाथ कैसे: सुप्रीम कोर्ट  झारखंड और जम्मू-कश्मीर में पहले चरण की वोटिंग कल  पार्टियों ने वोटरों को लुभाने के लिए किया रेडियो का इस्तेमाल सांसद बनने के बाद छोड़ दिया अभिनय : ईरानी  सरकार और संसद में बैठे लोग मिलकर देश आगे बढाएं :मोदी ग्लोबल वॉर्मिंग से गरीबी की लड़ाई पड़ सकती है कमजोर: विश्व बैंक सोयूज अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना  वरिष्ठ नेता मुरली देवड़ा का निधन, मोदी ने जताया शोक  छह साल बाद पाक के पास होंगे 200 एटमी हथियार अलग विदर्भ के लिए गडकरी ने कांग्रेस से समर्थन मांगा
प्राधिकरण के नक्शे से गायब हुआ जेवर एयरपोर्ट
First Published:26-12-12 11:38 PM

 ग्रेटर नोएडा। हमारे संवाददाता

जेवर एयरपोर्ट आखिरकार यमुना प्राधिकरण के नक्शा से गायब हो गया है। प्राधिकरण के मास्टर प्लान में एयरपोर्ट पिछले एक दशक से भी लंबे समय से था लेकिन प्रदेश सरकार के जेवर में एयरपोर्ट न बनाने के ऐलान के बाद एयरपोर्ट को नक्शे से हटाया गया है। जेवर में एयरपोर्ट बनाने की कवायद पिछले एक दशक से चल रही थी।

इसके लिए जेवर से रबुपुरा के बीच 10,000 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई थी। करीब एक दर्जन गांवों को एयरपोर्ट के प्रस्तावित दायरे से हटाया जाना था। लेकिन दिल्ली के इंदिरा गांधी एयपोर्ट का विस्तार कर रही कंपनी ने 150 किलोमीटर के दायरे में जेवर एयरपोर्ट होने को लेकर आपत्ति दर्ज करा दी। मामला फंसता देख प्रदेश सरकार ने जेवर में एयरपोर्ट बनाने से हाथ खींच लिया और नया प्रस्तावित क्षेत्र मथुरा आगरा के बीच खोजे जाना शुरू कर दिया गया।

नया क्षेत्र खोज भी लिया गया है लेकिन यमुना प्राधिकरण ने फेज वन का जो मास्टर प्लान शासन में मंजूरी के लिए भेजा उसमें एयरपोर्ट की जगह दर्शाई हुई थी। लिहाजा शासन ने आपत्ति लगाते हुए मास्टर प्लान को वापस कर दिया। प्राधिकरण ने अब मास्टर प्लान फेज वन के नक्शे से एयरपोर्ट के लिए आरक्षित 10,000 हेक्टेयर के क्षेत्र को हटा दिया है। हालांकि इस जमीन का उपयोग अब क्या होगा यह अभी तक तय नहीं किया गया है।

बताया जा रहा है कि प्राधिकरण की योजना यहां औद्योगिक प्लॉटों की स्कीम लाने की है। अन्तिम फैसला जल्द ही लिया जा सकता है।

 
 
 
 
टिप्पणियाँ