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प्राधिकरण के नक्शे से गायब हुआ जेवर एयरपोर्ट
First Published:26-12-12 11:38 PM

 ग्रेटर नोएडा। हमारे संवाददाता

जेवर एयरपोर्ट आखिरकार यमुना प्राधिकरण के नक्शा से गायब हो गया है। प्राधिकरण के मास्टर प्लान में एयरपोर्ट पिछले एक दशक से भी लंबे समय से था लेकिन प्रदेश सरकार के जेवर में एयरपोर्ट न बनाने के ऐलान के बाद एयरपोर्ट को नक्शे से हटाया गया है। जेवर में एयरपोर्ट बनाने की कवायद पिछले एक दशक से चल रही थी।

इसके लिए जेवर से रबुपुरा के बीच 10,000 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई थी। करीब एक दर्जन गांवों को एयरपोर्ट के प्रस्तावित दायरे से हटाया जाना था। लेकिन दिल्ली के इंदिरा गांधी एयपोर्ट का विस्तार कर रही कंपनी ने 150 किलोमीटर के दायरे में जेवर एयरपोर्ट होने को लेकर आपत्ति दर्ज करा दी। मामला फंसता देख प्रदेश सरकार ने जेवर में एयरपोर्ट बनाने से हाथ खींच लिया और नया प्रस्तावित क्षेत्र मथुरा आगरा के बीच खोजे जाना शुरू कर दिया गया।

नया क्षेत्र खोज भी लिया गया है लेकिन यमुना प्राधिकरण ने फेज वन का जो मास्टर प्लान शासन में मंजूरी के लिए भेजा उसमें एयरपोर्ट की जगह दर्शाई हुई थी। लिहाजा शासन ने आपत्ति लगाते हुए मास्टर प्लान को वापस कर दिया। प्राधिकरण ने अब मास्टर प्लान फेज वन के नक्शे से एयरपोर्ट के लिए आरक्षित 10,000 हेक्टेयर के क्षेत्र को हटा दिया है। हालांकि इस जमीन का उपयोग अब क्या होगा यह अभी तक तय नहीं किया गया है।

बताया जा रहा है कि प्राधिकरण की योजना यहां औद्योगिक प्लॉटों की स्कीम लाने की है। अन्तिम फैसला जल्द ही लिया जा सकता है।
 
 
 
 
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