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पांच मोर्चों पर फेल हुई दिल्ली पुलिस
First Published:25-12-12 11:31 PMLast Updated:26-12-12 04:24 PM

स्मार्ट व हाइटेक मानी जाने वाली दिल्ली पुलिस की पोल वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म कांड ने खोलकर रख दी। इस पूरे कांड में जहां कुछ ही घंटों में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला सुलझा लिया, वहीं कई मोर्चो पर पुलिस फेल हो गई।

पेश है एक रिपोर्टः

रोका जा सकता था कांडः वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म की घटना को जिस दिन आरोपियों ने अंजाम दिया, उससे कुछ ही देर पहले आरोपियों ने एक व्यक्ति को लूटा था। उन्होंने उस शख्स को बस में बिठाकर लूटा, मारपीट की और फिर हौजखास इलाके में फेंक दिया था।

पीड़ित ने मामले की शिकायत गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों से की थी, लेकिन उन्होंने उसकी सुनवाई नहीं की। यदि पुलिसकर्मी तुरंत उसकी शिकायत पर कार्यवाही करते तो शायद पीछा कर बस को पकड़ने में कामयाब रहते। ऐसे में बदमाश सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम नहीं पाते। इस गलती को सुधारने के लिए पुलिस आयुक्त ने हौजखास थाने में तैनात तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। सूचना तंत्र हुआ फेलराजपथ पर शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस का अंदाजा था कि प्रदर्शन करने के लिए महज एक से डेढ़ हजार लोग आएंगे।

इसके आधार पर बहुत कम संख्या में पुलिस बल को वहां तैनात किया गया था। लेकिन पुलिस की सूचना सुबह के समय ही फेल हो गई। राजपथ पर 10 हजार से अधिक प्रदर्शनकारी आ गए, जिन्हें पुलिस काबू नहीं कर सकी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अतिरिक्त सुरक्षा बल को मौके पर भेजा, लेकिन तब तक हालात बेकाबू हो चुके थे। इसके चलते जहां एक तरफ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जमकर पत्थरबाजी की, वहीं दूसरी तरफ पुलिसकर्मियों ने भी जमकर लाठियां चलाई।

प्रदर्शनकारियों पर बरसाई लाठियांबीते रविवार को इंडिया गेट पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन चल रहा था। लेकिन उसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने 26 जनवरी की तैयारी के लिए रखी गई बल्लियां जला दी। इतना ही नहीं उन्होंने एक कार को भी पलट दिया। यह देखकर पुलिसकर्मियों ने भी लाठियां चलानी शुरू की दी। उन्होंने हंगामा कर रहे प्रदर्शनकारियों को ही नहीं बल्कि शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं व महिलाओं को भी डंडे मारे। मीडिया के कैमरों पर पानी की बौछार की गई व कुछ कैमरे भी डंडा मारकर तोड़ दिए गए।

आमलोगों ने ही नहीं, मीडियाकर्मियों ने भी किसी तरह वहां से हटकर अपनी जान बचाई। रात्रि गश्त में दिखी लापरवाहीघटना के बाद पुलिस की सतर्कता जांचने के लिए जब गृह राज्यमंत्री, गृह सचवि, पुलिस आयुक्त व विशेष आयुक्त रात्रि गश्त पर निकले तो उन्हें लापरवाही ही देखने को मिली। गृह राज्यमंत्री ने कुछ पत्रकारों के साथ बस में सफर करने के बाद यह माना कि दिल्ली पुलिस की सुरक्षा पुख्ता नहीं है। उसमें सुधार किए जाने की आवश्यकता है। उधर गृह सचवि जब विशेष आयुक्त के साथ कनॉट प्लेस इलाके में पहुंचे तो सड़क किनारे लोगों को शराब पीते हुए देखा।

इस लापरवाही के लिए अगले ही दिन कनॉट प्लेस थाने में तैनात एक सब इंस्पेक्टर, एक हवलदार व तीन सिपाहियों को निलंबित किया गया। दिल्ली हो गई जामप्रदर्शनकारियों से घबराई पुलिस ने यह तय कर लिया कि वह अब इंडिया गेट किसी को नहीं पहुंचने देंगे। इसके लिए तमाम जगहों पर बेरीकेडिंग की गई। नई दिल्ली से जुड़े मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया। इस वजह से सोमवार को राजधानी का अधिकांश हिस्सा जाम हो गया। बच्चों स्कूल नहीं पहुंच पाए और कई लोग अपने दफ्तर नहीं पहुंच सके।

कुछ लोगों को तो तीन-तीन किलोमीटर तक पैदल चलकर जाना पड़ा। इस कार्यवाही के चलते लोग इंडिया गेट तो नहीं पहुंचे, लेकिन नई दिल्ली, मध्य दिल्ली व दक्षिण दिल्ली में जाम की समस्या रात तक बनी रही। ं।
 
 
 
 
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