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प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के बाद कई रास्ते किए गए बंद
First Published:24-12-12 11:26 PM

नई दिल्ली वरिष्ठ संवाददाता

लुटियन जोन इलाके में प्रदर्शनकारियों को रोकने के नीयत से लगाई गई धारा-144 के बाद कनॉट प्लेस और इंडिया गेट को जोड़ने वाले कई मार्गो को आम यातायात के लिए बंद कर दिया गया। इन मार्गो पर पीसीआर के जवानों, स्थानीय पुलिस की टीम व अर्धसैनिकल बलों के करीब पांच हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर दी गई। इंडिया गेट व आसपास के इलाके को तो छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

आलम यह है कि यहां हर तरफ सुरक्षा कर्मी ही दिखाई दे रहे हैं। इंडिया गेट पर तो सुरक्षाकर्मियों की टीम अपनी पैनी नजर गड़ाए हुए है। यहां लगे सभी सीसीटीवी कैमरों को सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ दिया गया है, ताकि संदिग्धों की गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जा सके। आलम यह है कि पहले मुख्य-मुख्य लोकेशन पर लगे कैमरों के फुटेज की मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम में की जाती थी, लेकिन इस घटना के बाद अब सभी कैमरों को मॉनिटरिंग की जद में कर दिया गया है।

सादे वेश में भी पुलिसकर्मियों और खुफिया कर्मियों की टीम की तैनाती की गई है। सामूहिक दुष्कर्म की घटना से उभरे जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस ने रविवार को जंतर-मंतर सहित पूरे नई दिल्ली जिले में धारा-144 लागू करने किया था। इसके बाद से ही लोगों को इंडिया गेट से खदेड़ने का सिलसिला चालू कर दिया गया था। पहले तो सबकुछ शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन पानी की बौछारों व आंसू गैस छोड़ने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी और पुलिस ने जमकर लाठियां भांजनी शुरू कर दी थी।

लाठीचार्ज व आंसू गैस के जरिये पुलिस ने अंतत: देर शाम प्रदर्शनकारियों को इंडिया गेट से खदेड़ भी दिया था। हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पथराव करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, दंगा करने व पुलिस पर हमला करने का मामला दर्ज कर कई लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया था। कितने थे सुरक्षाकर्मी पूरे नई दिल्ली जिले में - करीब 5000 इसमें दिल्ली पुलिस के जवान- 2500 अर्धसैनिक बलों के जवान- 1500 रैफिड एक्शन फोर्स व अन्य यूनिटों के- 1000 कुल तैनाती में महिलाओं की संख्या- 500

 
 
 
 
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