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दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा रिकार्ड
First Published:12-12-12 10:39 PM

नई दिल्ली वरिष्ठ संवाददाता

वकीलों के एक संगठन ने दिल्ली हाईकोर्ट में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सरकार के उस आदेश को रद्द करने की मांग की, जिसके तहत 11 जिले बनाए जाने का आदेश दिया गया था। संगठन ने आरोप लगाया कि यह कदम मनमाना है क्योंकि कुछ इलाके उन जिला अदालतों के दायरे में सौंप दिए गए हैं जो वादकारों के घरों से काफी दूर हैं। चीफ जस्टिस डी मुरूगेसन और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ ने सरकार से अदालत को मौजूदा नौ जिलों से 11 नए जिले बनाने और सात जनवरी 2013 तक इसमें बदलाव करने के पीछे नहिित वजह बताने का आदेश दिया है।

पीठ ने नए जिले बनाए जाने पर रिकार्ड मांगते हुए सरकारी वकील (दीवानी)नजमी वजीरी को सुनवाई की अगली तारीख पर रिकार्ड पेश करने का आदेश दिया। अदालत ने पूछा है कि किस आधार पर इलाकों को विभिन्न जिलों में शामिल किया गया और उन्हें विभिन्न अदालतों से जोड़ा गया है। हाईकोर्ट द्वारका कोर्ट बार एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई कर रही है। एसोसिएशन की ओर से अधविक्ता एचएच फूलका ने 11 सितम्बर की अधिसूचना को इस आधार पर रद्द करने की मांग की कि सरकार का यह फैसला न्याय आपके द्वार की नीति केखिलाफ है।
 
 
 
 
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