रविवार, 21 दिसम्बर, 2014 | 00:53 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
खराब कृत्रिम अंग बेचना भारी पड़ा, 4.46 लाख का जुर्माना
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:07-12-12 04:09 PM

कृत्रिम अंगों की बिक्री करने वाली कंपनी को खराब इलेक्ट्रिक हैंड बेचने के एवज में 4.46 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया गया है।

दक्षिण-पश्चिम जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच ने कृत्रिम अंग बनाने वाली ब्रिटेन की कंपनी इंडोलाइट को उचित सेवा नहीं मुहैया कराने का दोषी पाया है। कंपनी ने विकलांग द्वारा मरम्मत करने के लिए दिए गए इलेक्ट्रिक हाथ को बेच दिया था।

अदालत ने कहा कि मालूम होता है कि विरोधी पक्ष (इंडोलाइट इंडिया) ने ठीक ढंग से काम नहीं किया और उसे दो बार मरम्मत करने के लिए देना पड़ा। शिकायतकर्ता के पास विरोधी पक्ष को खराब इलेक्ट्रिक हाथ सौंपने के अलावा कोई चारा नहीं था। यह विनिर्माता का काम था कि वह जांच करे कि हाथ में कोई खराबी नहीं हो। लेकिन वह ऐसा करने में नकाम रहा।

इसके उलट उसने मनमानी और एकतरफा निर्णय करते हुए हाथ को तोड़ दिया और फिर से कम कीमत पर किसी और को बेच दिया। हम विरोधी पक्ष को सेवा मुहैया कराने में असफल पाते हैं जिसकी वजह से शिकायतकर्ता को परेशानी और वित्तीय हानि उठानी पड़ी।

नरेंद्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि कंपनी को (इलेक्ट्रिक हाथ के लिए) 3,91,000 रुपये शिकायतकर्ता को भुगतान करने का आदेश दिया जाता है। इसके अलावा उसे क्षतिपूर्ति के तौर पर 50,000 रुपये और कानूनी लड़ाई में हुए खर्च के लिए 5,000 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया जाता है। राजस्थान के मनीष पुरोहित द्वारा की गई अपील पर पीठ ने यह फैसला सुनाया है।

 
 
|
 
 
टिप्पणियाँ
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड