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हीटर की गर्मी दे सकती है परेशानी
First Published:06-12-12 11:18 PM

नोएडा। कार्यालय संवाददाता

ठंड से बचने के लिए रूम हीटर का प्रयोग दिक्कत और बढ़ा सकता है। इससे कमरे में ऑक्सीजन समाप्त होने के साथ ही आद्रता भी खत्म हो जाती है। इस कारण सांस रोगियों के लिए सबसे अधिक परेशानी खड़ी होती है। डॉक्टर भी सांस रोगियों को रूम हीटर इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दे रहे हैं। फोर्टिस अस्पताल के क्रिटिकल केयर व पल्मोनॉजी विभाग के प्रभारी डॉ. मृणाल सिरकार बताते हैं कि अस्थमा, निमोनिया व सांस रोग से पीड़ित अन्य मरीजों को ठंड से बचने के लिए रूम हीटर का उपयोग नहीं करना चाहिए।

ऑक्सीजन की मात्रा और आद्रता में कमी के साथ ही इससे कमरे व बाहर के तापमान में काफी अंतर आ जाता है। इससे अस्थमा के मरीज में एलर्जी बढ़ जाती है। वहीं सांस के अन्य मरीजों को भी इससे दिक्कत होती है। जिला अस्पताल के चेस्ट फिजशिियन डॉ. डीके वर्मा बताते हैं कि रूम हीटर का उपयोग सांस रोगियों के लिए घातक हो सकता है। लिहाजा इसके इस्तेमाल में एहतियात बरतने की जरूरत है। खासकर सांस रोग से पीड़ित गंभीर मरीजों के कमरों में रूम हीटर नहीं चलाना चाहिए।

रूम हीटर चलाते समय बरतें सावधानी-रूम हीटर चलाते समय घर को पूरी तरह बंद न रखें-कमरे की खिड़की खोलकर रखें-फिल्टर ऑयल हीटर का उपयोग करें, यह ऑक्सीजन को नष्ट नहीं होने देता-हीटर चलने के दौरान शरीर पर मॉस्च्यूराइजर क्रीम लगाकर रखें, इससे त्वचा पूरी तरह से नहीं सूखती-एक या दो घंटे के अंतराल में हीटर बंद करते रहेंअस्थमा सांस रोगियों की संख्या बढ़ीजिला अस्पताल व निजी अस्पतालों में सांस रोगियों के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। जिला अस्पताल में चेस्ट फिजशिियन के पास प्रतिदिन आने वाले 70-80 मरीजों में अस्थमा रोगियों की संख्या 35-40 होती है।

इनके अलावा छाती में संक्रमण, निमोनिया, हिमपटैटिस, बुखार व सर्दी-जुकाम के मरीज शामिल हैं। जिला अस्पताल के डॉ. डीके वर्मा बताते हैं कि अस्थमा के अलावा हिमैपटेटिस के मरीज भी आ रहे हैं। ऐसे मरीजों के बलगम में खून आता है। सांस की नली सूख जाने और संक्रमण के कारण यह दिक्कत हो सकती है। टीबी के मरीजों में भी इस तरह की परेशानी होती है। सांस रोगी क्या बरते सावधानी -सुबह-शाम धुंध के दौरान टहलने न जाएं-सांस के रोगी धूम्रपान से परहेज करें-दिन अधिक गर्म होने की स्थिति में भी ऊनी कपड़े पहनें-एयरकंडीशनर का उपयोग न करें-हीटर के उपयोग से बचें-आइसक्रीम, फ्रिज के पानी का सेवन न करें-ठंड के दौरान नियमित रूप से चिकित्सकीय जांच कराएं-अस्थमा के गंभीर मरीज हमेशा इनहेलर अपने साथ रखें।

 
 
 
 
 
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