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एनआरएचएम घोटाला: गवाह ने दिया बयान
First Published:04-12-12 10:43 PM

गाजियाबाद। वरिष्ठ संवाददाता

एनआरएचएम घोटाले के एक गवाह ने कोर्ट में बताया कि लखनऊ के माल एवेन्यू स्थित एक बंगले में 42 लाख रुपये एक आईएएस अफसर को दिए गए थे। गवाह ने कोर्ट में जिरह के दौरान कहा कि जब भी वह बाबू सिंह कुशवाहा से मिलने जाता था तो कुशवाहा के साथ विधायक आरपी जायसवाल भी होते थे। मंगलवार को कोर्ट में एनआरएचएम घोटाले में गवाह सर्जिकोन कंपनी के लाइजनिंग अधिकारी गिरीश मलिक से बाबू सिंह कुशवाहा तथा पीके जैन के अधविक्ताओं ने जिरह की।

जिरह के दौरान गिरीश मलिक ने कहा कि वह कई बार बाबू सिंह कुशवाहा से मिला था तथा अधिकतम एक घंटे तक उनके पास रहा था। मुलाकात कुशवाहा के ड्राइंग रूम में होती थी। जल निगम की सी एंड डीएस के एमडी पीके भूकेश ने पीके जैन से कहा था कि जिन अस्पतालों में कार्य होना है उनका सर्वे कराने की कोई जरूरत नहीं है और एक तरह का ही सामान सभी अस्पतालों में दे दिया जाए। ताकि ज्यादा से ज्यादा लाभ हो सके।

उसने बताया कि नवंबर 2009 में पीके जैन ने उनसे कहा था कि मंत्री जी के हिस्से के 42 लाख रुपये नहीं दिए गए हैं। इसलिए एक सप्ताह में उसकी व्यवस्था कर दो। नवंबर में ही 42 लाख रुपये पीके जैन को दिए गए और पीके जैन ने यह 42 लाख रुपये एक आईएएस अफसर को माल एवेन्यू स्थित एक बंगले में दिए थे।

 
 
 
 
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