शनिवार, 05 सितम्बर, 2015 | 09:13 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
युवती को पारा खिलाने वाला गिरफ्तार
First Published:30-11-2012 12:39:18 AMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

नोएडा। कार्यालय संवाददाता। जीआईपी मॉल में आईसक्रीम में पारा मिलाकर युवती को खिलाने वाला पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। पुलिस ने उसे बुधवार देर रात सेक्टर-37 चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक एफआईआर के बाद भी युवती पर समझौता करने के लिए दबाव डाल रहा था। गिरफ्तार युवक रवि आर्या जनकपुरी, सहारनपुर का रहने वाला है। उसने 12 नवंबर 2012 को जीआईपी मॉल में युवती को आईसक्रीम में पारा डालकर खिलाया था।

दोनों सहारनपुर के रहने वाले हैं और आईआई रुड़की से एक साथ बीबीए की पढ़ाई की थी। इसके बाद रवि ने सहारनपुर में दो युवकों को चाकू मार दिया था। हत्या के प्रयास में वह जुलाई 2011 में जेल भी जा चुका है। युवती ने ही सितंबर 2012 में उसकी जमानत कराई थी। उसे सहारनपुर से एक बार जिला बदर भी किया गया था। रवि के जेल जाने के बाद युवती ने एमबीए की पढ़ाई शुरू कर दी। पढ़ाई खत्म होने के बाद युवती दो माह पहले नोएडा के सेक्टर-61 में आकर रहने लगी और काम की तलाश कर रही थी।

उधर जेल से आने के बाद रवि ने युवती को परेशान करना शुरू कर दिया। परेशान होकर युवती ने अपना मोबाइल नंबर बदल दिया और उसे नोएडा का पता भी नहीं बताया। इस पर युवक ने हिमांचल में रह रही उसकी बड़ी बहन को भी फोन कर कई बार धमकी दी। काफी प्रयास के बाद रवि को युवती का मोबाइल नंबर मिल गया। रवि नोएडा पहुंचा और युवती को फोन कर बहाने से जीआईपी मॉल में मिलने के लिए बुलाया।

यहां दोनों ने ‘जब तक है जान’ फिल्म देखी। ब्रेक के दौरान दोनों साथ-साथ बाहर निकले और आईसक्रीम खाई। रवि को पता था कि युवती को आईक्रीम बहुत पसंद है। लिहाजा ब्रेक के बाद जब फिल्म शुरू हुई वह युवती को छोड़कर अकेला आईसक्रीम लेने बाहर आ गया। इस बार उसने मौका पाकर युवती की आईसक्रीम में पारा डाल दिया। आईसक्रीम खाते वक्त युवती के मुंह में जब पारा गया तो उसे इसका अहसास हो गया। वह युवक को छोड़कर बाहर निकली और अकेली ऑटो कर कैलाश अस्पताल चली आई।

युवक ने कुछ दूर तक उसका पीछा भी किया, लेकिन युवती नहीं रुकी। पुलिस के अनुसार रवि, युवती से एक तरफा प्यार करता था, युवती ने जब उससे दूरी बनानी शुरू कि तो उसे बर्दाश्त नहीं हुआ। इसी का बदला लेने के लिए उसने युवती को पारा खिला मारने की कोशशि की थी।

 
 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
क्रिकेट स्कोरबोर्ड Others
 
Image Loading

अलार्म से नहीं खुलती संता की नींद
संता बंता से: 20 सालों में, आज पहली बार अलार्म से सुबह-सुबह मेरी नींद खुल गई।
बंता: क्यों, क्या तुम्हें अलार्म सुनाई नहीं देता था?
संता: नहीं आज सुबह मुझे जगाने के लिए मेरी बीवी ने अलार्म घड़ी फेंक कर सिर पर मारी।