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रेलिगेयर कंपनी में महिला से छेड़छाड़
First Published:30-11-2012 12:39:15 AMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

नोएडा। कार्यालय संवाददाता। महिला कर्मचारी से ऑफिस में छेड़छाड़ के आरोप में नोएडा की महिला थाना पुलिस ने रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें देर रात घर से गिरफ्तार कर बृहस्पतविार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया है। छेड़छाड़ की यह घटना नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर सेक्टर-125 के ए ब्लॉक स्थित रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड कंपनी में हुई।

यह कंपनी लघु-मध्यम उद्योगों को लोन उपलब्ध कराती है। यहां मूल रूप से केरल के रहने वाले जी. कृष्णन (38) बतौर वाइस प्रेसीडेंट कार्यरत हैं। उनका कुछ समय पहले ही दिल्ली से नोएडा तबादला किया गया है। फिलहाल वह सेक्टर-28 में परिवार संग किराए पर रहते हैं। इसी ऑफिस में मूल रूप से कोटा राजस्थान की रहने वाली 26 वर्षीय (अवविाहित) महिला मैनेजर कार्यरत हैं। उन्होंने भी चार माह पहले कंपनी में नौकरी की शुरुआत की थी और सेक्टर-19 स्थित एक पीजी में रहती हैं।

महिला मैनेजर ने कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस को जी. कृष्णन के खिलाफ छेड़छाड़, अश्लील फब्तियां कसने और धमकी देने की शिकायत दी थी। आला अधिकारियों के आदेश पर मामले को महिला थाने में स्थानांतरित कर, वहां की एसओ मोनिका चौहान को जांच सौंपी गई। प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने बुधवार रात वाइस प्रेसीडेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर, उसे घर से गिरफ्तार कर लिया। बृहस्पतविार को जी. कृष्णन को ग्रेटर नोएडा स्थित अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

गिरफ्तारी के बाद जी. कृष्णन लगातार पुलिस को कहता रहा कि वह निदरेष है और उस पर लगाए गए सभी आरोपी झूठे हैं। मामले में कंपनी प्रबंधन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई है। पहली बार किया प्रयासपुलिस को दी लिखित शिकायत में पीड़ित युवती का आरोप है कि वाइस प्रेसीडेंट उस पर काफी समय से बुरी नजर रखता था। कुछ दिन पहले उसने उसे अपने केबिन में बुलाकर अश्लील हरकत करते हुए उसका हाथ पकड़ने का प्रयास किया।

युवती का आरोप है कि वाइस प्रेसीडेंट ने पहली बार ही उसके साथ ऐसी हरकत की थी, जिसके बाद वह शोर मचाती हुई केबिन से बाहर निकल आई। इन बिंदुओं पर होगी जांचपुलिस अब यह पता करने का प्रयास कर रही है कि आरोपी वाइस प्रेसीडेंट ने पहले भी किसी महिला कर्मचारी के साथ ऐसी हरकत की है या नहीं। इसके लिए कंपनी के कुछ और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। इसके अलावा पीड़ित युवती ने क्या अपने किसी वरिष्ठ अधिकारी से वाइस प्रेसीडेंट की शिकायत की थी।

अगर उसने शिकायत की थी तो उसके बाद कंपनी प्रबंधन की तरफ से क्या कार्रवाई की गई। इसके अलावा महिला मैनेजर का वाइस प्रेसीडेंट संग कोई विवाद या झगड़ा तो नहीं हुआ था। आए दिन आती हैं ऐसी शिकायतें : रूपा गुप्ता‘महिला शक्ति सामाजिक संगठन’ एनजीओ की रूपा गुप्ता बताती हैं कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का जमावड़ा है। आईटी कंपनियों की भरमार है। इन कंपनियों में महिला कर्मचारियों की तादात तकरीबन 40 फीसदी है। करीब 70 फीसदी महिला कर्मचारी ऐसी हैं जो दूसरे शहरों से यहां आकर काम कर रही हैं।

इनमें भी ज्यादातर यहां अकेली रह रही हैं। इनमें से बहुत सी महिला कर्मचारियों के साथ ऑफिस के अंदर और बाहर आए दिन छेड़छाड़ की घटनाएं होती रहती हैं। ज्यादातर महिला कर्मचारी नौकरी व सामाजिक लोक-लाज में सब ङोलती रहती हैं। बहुत कम ही महिला कर्मचारी इस ज्यादती के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत जुटा पाती हैं। कामकाजी महिलाओं को हो सके तो आत्म रक्षा का थोड़ा-बहुत प्रशिक्षण अवश्य लेना चाहिए। इसके अलावा इस तरह की हरकतों को तत्काल विरोध करते हुए कंपनी के आला अधिकारियों, परिजन व पुलिस को सूचना देनी चाहिए।

रूपा गुप्ता के अनुसार उनके पास हफ्ते-दस दिन में कम से कम एक शिकायत इस तरह की पहुंच ही जाती है। इनमें ज्यादातर महिलाएं ऐसी होती हैं जो अपने वरिष्ठ की ज्यादाती से परेशान होकर नौकरी छोड़ने का मन बना चुकी होती हैं।

 
 
 
 
 
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