मंगलवार, 28 जुलाई, 2015 | 19:01 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
Image Loading    CCTV में कैद हुए गुरदासपुर हमले के गुनहगार, AK-47 लिए सड़कों पर घूमते दिखे आतंकी साड़ी, शॉल, आम की कूटनीति बंद कर पाकिस्तान के खिलाफ इंदिरा जैसा साहस दिखाये PM मोदी 29 जुलाई से बाजार में आएगा माइक्रोसॉफ्ट ओएस विंडोज-10  पीएम मोदी ने दी कलाम को श्रद्धांजलि, बोले- भारत ने खोया अपना रत्न कलाम का अंतिम संस्कार रामेश्वरम में होगा, पीएम मोदी सहित कई हस्तियों के पहुंचने की संभावना अग्नि की सफलता का श्रेय कलाम ने इंदिरा की दूरदर्शिता को दिया था याकूब मामले पर सुप्रीम कोर्ट के जजों के बीच मतभेद, अब बड़ी बेंच में होगी सुनवाई सात दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा लेकिन कोई छुटटी नहीं 7.0 तीव्रता वाले भूकंप के जबरदस्त झटकों से हिला इंडोनेशिया जानिए पंजाब के गुरदासपुर स्थित दीनानगर के बारे में कुछ खास बातें
अदालत का आदेश, माफी मांगे पुलिस अधिकारी
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:28-11-2012 04:02:42 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

दिल्ली की एक अदालत ने एक पुलिस अधिकारी को आदेश दिया है कि वह एक मजिस्ट्रेट के समक्ष शपथपत्र के साथ माफी मांगे कि भविष्य में जिम्मेदारी निभाते समय सावधानी बरतेंगे।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार ने यह आदेश दिया और पुलिस उप निरीक्षक बाल किशन को इस साल जून में मजिस्ट्रेटी अदालत द्वारा लगाये गये 10 हजार रुपये के जुर्माने से छूट दे दी।

मजिस्ट्रेटी अदालत ने वर्ष 2002 में मुखर्जी नगर थाने में शस्त्र अधिनियम के तहत दर्ज एक ममाले में गैर जमानती वारंट पर कार्रवाई नहीं कर पाने पर पुलिसकर्मी के वेतन से राशि काटने का आदेश दिया था।

पुलिस अधिकारी की अपील पर सत्र अदालत ने आदेश में संशोधन किया जिसके लिए इस बात को ध्यान में रखा गया कि एसआई ने गैर जमानती वारंट गुम कर दिया था और ऐसा जान-बूझकर नहीं किया गया। एएसजे ने कहा कि किशन को भविष्य में अदालतों की प्रक्रियाओं के संबंध में सावधान रहने का निर्देश दिया जाता है।

किशन के वकील ने याचिका पर सुनवाई के दौरान सत्र अदालत में कहा था कि उनके मुवक्किल मामले के जांच अधिकारी थे और जांच करके उन्होंने मजिस्ट्रेटी अदालत के समक्ष आरोपपत्र दाखिल किया था।

वकील ने कहा कि आरोपी के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट किशन को दिया गया था लेकिन इसके गुम होने के कारण इस पर कार्रवाई नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट ने एसआई का पक्ष सुने बिना एसआई के खिलाफ आदेश जारी किया।

 
 
 
|
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
Image Loadingप्रतिबंध हटाने के लिए बीसीसीआई से संपर्क करूंगा: श्रीसंत
जब वह तिहाड़ जेल में था तो वह आत्महत्या के बारे में सोच रहा था लेकिन तेज गेंदबाज एस श्रीसंत को अब उम्मीद बंध गई है कि वह वापसी कर सकते हैं और खुद पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिये वह बीसीसीआई से संपर्क करेंगे।
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड