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हर काक्षा में होगा ईडब्लूएस का कोटा
First Published:27-11-12 10:26 PM
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नई दिल्ली। प्रभात कुमार

सरकारी जमीन पर बने निजी स्कूलों को सभी कक्षा में कम आय वर्ग (ईडब्लूएस) के छात्र को नि:शुल्क कोटे के तहत दाखिला देना होगा। देर से ही सही, जमीन आवंटन की शर्तो को सख्ती से लागू कराने के लिए दिल्ली सरकार ने नई नीति को मंजूरी प्रदान कर दी है। सूत्रों के अनुसार सोमवार को सरकार ने सभी कक्षा में कोटा के तहत ईडब्लूएस छात्रों को दाखिला सुनशि्चित कराने के लिए शिक्षा निदेशालय द्वारा बनाए गए तौर-तरीके को मंजूरी दे दी।

अब इसे उप राज्यपाल की सहमति से अधिसूचित करके लागू कर दिया जाएगा। सरकार के इस कमद से इंट्री लेवल यानी नर्सरी या पहली कक्षा से उपर के कक्षा में होने वाले दाखिलों में आवंटन शर्तो के अनुसार नशिुल्क कोटे के तहत कम आय वर्ग के बच्चों को दाखिला दिया जाएगा। हाईकोर्ट के आदेश पर दिल्ली सरकार ने यह नीति बनाई है। जस्टिस संजय कशिन कौल एवं विपिन सांघी की पीठ ने 24 सितंबर को सभी कक्षा में ईडब्लूएस कोटा के तहत दाखिला देने केलिए आठ सप्ताह के भीतर सरकर को नीति बनाने का निर्देश दिया था।

साथ ही समय-सीमा के भीतर दाखिले के नियम कायदे बनाकर अधिसूचना नहीं किए जाने पर प्रधान शिक्षा सचवि को निजी रूप से पेश होकर सफाई देने की हिदायत दी थी। पीठ ने अपने इस अहम फैसले में कहा था कि शिक्षा के अधिकार कानून लागू होने से जमीन लेने वाले स्कूलों के लिए लागू भू-आवंटन की शर्तें निष्क्रिय नहीं हुई है। सभी कक्षा में ईडब्लूएस दाखिले की नीति बनी है या नहीं, इस बारे में सरकार को 3 दसिंबर को हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करनी है।

हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक सरकार द्वारा तैयार दिशा-निर्देश के तहत सरकारी जमीन पर बने सभी अल्पसंख्यक एवं गैर अल्पसंख्यक निजी स्कूलों को भी अपने सभी कक्षा में ईडब्लूएस कोटा में दाखिला देना होगा। हाईकोर्ट ने यह आदेश अशोक कुमार ठाकुर की ओर से अधविक्ता अशोक अग्रवाल और खगेश झा द्वारा दाखिला याचिका पर दिया था। याचिका में अल्पसंख्यक स्कूलों के साथ-साथ सरकारी जमीन पर बने निजी स्कूलों में पहली कक्षा व इससे उपर के सभी कक्षाओं में ईडब्लूएस कोटे के तहत दाखिला देने की मांग की गई है।

याचिका में शिक्षा के अधिकार कानून को लागू करने के लिए पिछले साल 7 जनवरी को दिल्ली सरकार द्वारा जारी अधिसूचना की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई थी। -राजधानी में लगभग 421 स्कूल ऐसे हैं जो सरकारी जमीन पर बनी है। नई नीति के तहत जमीन लेने वाले लगभग 50 अल्पसंख्यक स्कूलों को भी देना होगा सभी कक्षा में ईडब्लूएस कोटा में दाखिला-ईडब्लूएस कोटा के तहत लगभग 01 लाख बच्चों को लाभ मिला है। तीन तरह की है जमीन आवंटन की शर्तो पहली- कुछ स्कूलों में जमीन के बदले ईडब्लूएस को नशिुल्क शिक्षा देने की शर्त तो लेकिन यह कितना फीसदी होगा यह तय नहीं है।

दूसरी- इसके तहत 20 फीसदी सीटों पर ईडब्लूएस को मुफ्त में शिक्षा मुहैया कराने का प्रावधान है। तीसरी- इस कटेगरी में नशिुल्क शिक्षा का प्रावधान तो है लेकिन कितने सीटों पर ईडब्लूएस को दाखिला दिया जाए यह तय करने की जिम्मेदारी शिक्षा निदेशालय पर है। ---सरकार हाईकोर्ट के आदेश को सम्मान करती है और इसे लागू कराने के लिए प्रतबिद्ध है। जमीन आवंटन शर्तो के अनुरूप सभी कक्षा में ईडब्लूएस को नशिुल्क कोटा के तहत दाखिला सुनशि्चित कराने के लिए हम गंभीर हैं।

प्रो. किरण वालियाशिक्षा मंत्री, दिल्ली सरकार--देर से ही सही, यह अच्छी पहल है। सरकार को यह बहुत पहले करना चाहिए थी। हर साल उपर के कक्षाओं में बड़े पैमाने पर दाखिले होते हैं लेकिन नगिरानी के अभाव में स्कूल मनमानी करते हैं। अधविक्ता खगेश झाशिक्षा से जुड़े मामलों के जानकारं।

 
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