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स्पीड पोस्ट ने बनाया दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को असरदार
नई दिल्ली, संवाददाता
First Published:14-06-12 09:19 PM
स्पीड पोस्ट के मार्फत चालान नोटिस भेजने की योजना ने ट्रैफिक पुलिस की झोली भर दी है। इसके चलते चालान राशि में 900 फीसदी का रिकार्ड इजाफा हुआ है। इस वर्ष 16 मई से 31 मई के बीच स्पीड पोस्ट के जरिए 5761 वाहन चालकों को नोटिस भेजा गया, जिसकी एवज में 2657701 रुपये बतौर चालान राशि जमा हुए। पिछले साल इस अवधि के दौरान 3084 चालान नोटिस जारी हुए, जिससे केवल 3 लाख 21 हजार का राजस्व मिला था।
बता दें कि ट्रैफिक पुलिस ने 2 अप्रैल से स्पीड पोस्ट के द्वारा चालान नोटिस भेजना शुरू किया था। इससे पहले सामान्य डाक के माध्यम से यह नोटिस भेजा जाता था। ज्यादातर नोटिस सौ रुपये की चालान राशि (गलत पार्किग, रेड लाइट जंप और सीट बेल्ट आदि) वाले होते थे। ट्रैफिक पुलिस के पास इस बात की कोई जानकारी नहीं होती थी कि संबंधित वाहन चालक के पास नोटिस पहुंचा है या नहीं। इतना ही नहीं, यदि किसी वाहन चालक को नोटिस मिल भी जाता तो वह चालान नहीं भरता था। यदि कोई ऐसा वाहन चालक ट्रैफिक पुलिस के हाथ लगता तो वह झट से सफाई दे देता कि उसे चालान नोटिस ही नहीं मिला। कई दफा लंबे समय तक चालान न भरने के कारण मामला खुद ही ठंडे बस्ते में चला जाता था। इस समस्या का हल निकालने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने स्पीड पोस्ट के द्वारा चालान नोटिस भेजना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, ट्रैफिक पुलिस का पहले जो सौ रुपये के चालान पर जोर रहता था, अब उसकी बजाए ओवरस्पीड, शराब पीकर वाहन चलाना और खतरनाक ड्राइविंग जैसे ट्रैफिक वायलेशन पर ज्यादा फोकस हो गया। ओवरस्पीड पर चार सौ रुपये और खतरनाक ड्राइविंग का एक हजार रुपये का चालान होता है। गत वर्ष जनवरी से मई तक 33110 नोटिस जारी हुए थे, जिनसे 3522500 रुपये का राजस्व एकत्रित हुआ। इस साल 32529 नोटिस भेजे गए, जिनकी ऐवज में 7247800 रुपये की चालान राशि जमा हुई।
यूं कम हुए हादसे
ट्रैफिक पुलिस ने इस बार जो चालान नोटिस भेजे, उनमें ओवरस्पीड, शराब पीकर वाहन चलाना और खतरनाक ड्राइविंग जैसे वायलेशन शामिल थे। दो अप्रैल से अभी तक 27398 नोटिस भेजे गए हैं। इनमें ओवरस्पीड के 24685 और 2727 नोटिस खतरनाक ड्राइविंग के हैं। सड़क हादसों के लिए उक्त वायलेशन ही मुख्य तौर से जिम्मेदार माने जाते हैं। इसके मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस ने इन्हीं वायलेशन के चालान नोटिस स्पीड पोस्ट द्वारा भेजे जाने को प्रमुखता दी।
गिरा सड़क हादसों का ग्राफ
वर्ष जनवरी से मई (जानलेवा हादसे) मौत
2005 797 828
2006 868 889
2007 914 936
2008 831 860
2009 933 961
2010 848 882
2011 841 863
2012 694 709
नोट: 2012 में पहले पांच माह के दौरान 302 पैदल यात्राियों की जान गई, जबकि गत वर्ष इसी अवधि के दौरान 395 पैदल यात्राी मारे गए थे।
ड्रंकन ड्राइविंग
2011 में जहां 2960 चालकों को जेल भेजा गया, वहीं इस वर्ष केवल मई तक 3049 चालक जेल जा चुके हैं।
ओवरस्पीड
2011 में ओवरस्पीड के 44618 चालान हुए, जबकि इस वर्ष पहले पांच माह में यह आंकड़ा 50 हजार के पार हो गया है।
वजर्न
स्पीड पोस्ट के जरिए चालान नोटिस भेजना कारगर साबित हुआ है। अब ट्रैफिक पुलिस के पास नोटिस भेजने का सबूत होता है। अब संबंधित वाहन चालक भी चालान भरने में लापरवाही नहीं कर सकता।
सत्येंद्र गर्ग, ज्वाइंट सीपी (ट्रैफिक)
ट्रैफिक पुलिस ने इस बार जो चालान नोटिस भेजे, उनमें ओवरस्पीड, शराब पीकर वाहन चलाना और खतरनाक ड्राइविंग जैसे वायलेशन शामिल थे। दो अप्रैल से अभी तक 27398 नोटिस भेजे गए हैं। इनमें ओवरस्पीड के 24685 और 2727 नोटिस खतरनाक ड्राइविंग के हैं। सड़क हादसों के लिए उक्त वायलेशन ही मुख्य तौर से जिम्मेदार माने जाते हैं। इसके मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस ने इन्हीं वायलेशन के चालान नोटिस स्पीड पोस्ट द्वारा भेजे जाने को प्रमुखता दी।
गिरा सड़क हादसों का ग्राफ
वर्ष जनवरी से मई (जानलेवा हादसे) मौत
2005 797 828
2006 868 889
2007 914 936
2008 831 860
2009 933 961
2010 848 882
2011 841 863
2012 694 709
नोट: 2012 में पहले पांच माह के दौरान 302 पैदल यात्राियों की जान गई, जबकि गत वर्ष इसी अवधि के दौरान 395 पैदल यात्राी मारे गए थे।
ड्रंकन ड्राइविंग
2011 में जहां 2960 चालकों को जेल भेजा गया, वहीं इस वर्ष केवल मई तक 3049 चालक जेल जा चुके हैं।
ओवरस्पीड
2011 में ओवरस्पीड के 44618 चालान हुए, जबकि इस वर्ष पहले पांच माह में यह आंकड़ा 50 हजार के पार हो गया है।
वजर्न
स्पीड पोस्ट के जरिए चालान नोटिस भेजना कारगर साबित हुआ है। अब ट्रैफिक पुलिस के पास नोटिस भेजने का सबूत होता है। अब संबंधित वाहन चालक भी चालान भरने में लापरवाही नहीं कर सकता।
सत्येंद्र गर्ग, ज्वाइंट सीपी (ट्रैफिक)
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