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45 डिग्री पर ट्रांसफार्मर बने आग का गोला
First Published:27-05-12 11:47 PM
गाजियाबाद। सत्यदेव यादव
पारा 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, पहले से ओवर लोडेड ट्रांसफार्मरों में भरा सैकड़ों लीटर ऑयल खौलने लगा है। ट्रांसफार्मरों में प्रोटेक्शन सिस्टम नहीं लगने से भयंकर विस्फोट की आशंका बढ़ गई है। विस्फोट की चपेट में दूर-दूर तक के लोग आ सकते हैं। पूर्व में मालीवाड़ा, लोनी, मसूरी, मुरादनगर के कई ट्रांसफार्मरों में विस्फोट हो चुका है। जिले में लगे करीब 1500 से अधिक ट्रांसफार्मर सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक बने हुए हैं।
इनके रख-रखाव में कई खामियां हैं। दो साल पहले पुराने शहर की घनी आबादी के बीच मालीवाड़ा में रखा 12 एमवीए के ट्रांसफार्मर में विस्फोट से हजारों लोगों का दिल दहल उठा था। आसमान को छूती आग की लपटें पूरे शहर ने देखी। तब तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही था। ट्रांसफार्मरों में विस्फोट लोनी, मसूरी, मुरादनगर में हुए हैं। पिछले साल मसूरी की घटना भी दिल दहला देने वाली थी। बाजार में रखे ट्रांसफार्मर में विस्फोट से पास ही खेल रहे तीन मासूम बुरी तरह झुलस गए थे। लोनी में पिछले वर्ष ट्रांसफार्मर में विस्फोट से दो लोगों की जान चली गई जबकि तीन अन्य बुरी तरह जख्मी हो गए।
विस्फोट की घटनाओं के बावजूद विद्युत वितरण निगम ने कुछ खास नहीं किया है। हालांकि ओवर लोडिंग को कम करने के लिए मुख्य शहर में छोटे-छोटे उपकेंद्रों को स्थापित किया गया है, लेकिन इनके रख-रखाव में लापरवाही का सिलसिला अब तक जारी है।यहां खतरा अधिकज्यादातर पुरानी कॉलोनियों इस्लामनगर, पटेलनगर, कैलाभट्टा, दिल्ली गेट, सिहानी, नंदग्राम, पुराना बाजार, नेहरूनगर, गांधीनगर, बहरामपुर, भोपुरा, शहीदनगर, अर्थला, मालीवाड़ा, मसूरी, लोनी, मुरादनगर, मोदीनगर में रखे 1500 से भी अधिक ट्रांसफार्मर असुरक्षित हैं। यहां ट्रांसफार्मर बगैर फेसिंग के लगाए गए हैं। दिल दहलाने वाले हादसे- 30 मई 2011 को मालीवाड़ा स्थित डीपीएच में विस्फोट, यह हादसा दूसरी बार हुआ- मसूरी में 15 जनवरी 2010 को बिजली के ट्रांसफार्मर में ब्लास्ट से तीन बच्चों झुलसे- लोनी में बीते दो वर्षों के दौरान चार बार हो चुका है ट्रांसफार्मरों में विस्फोट, दो की जान गईओवर लोडिंग होते ही सप्लाई बंद कर दी जा रही है। ट्रांसफार्मरों का लोड बैलेंस किया गया है। नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। गलियों में ट्रांसफार्मर नहीं रखे जा सकते इसलिए केबल लगा कर गली के बाहर ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं ताकि लोड बैलेंस हो सके। ट्रांसफार्मरों की ऑयलिंग करा दी गई है। ऑयल पैकिंग की भी जांच कराई गई है ताकि लीकेज की वजह से नुकसान न हो। आबादी में रखे ट्रांसफार्मरों की गार्डिग भी कराई जा रही है। अरुण कुमार और एलए खान, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण निगमट्रांसफार्मर कुल25 केवीए 1490863 केवीए 8318100 केवीए 4263250 केवीए 1228400 केवीए 2066630 केवीए 4581000 केवीए 98
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