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अक्षय तृतीया पर स्वर्ण कारोबार सौ करोड़
फरीदाबाद। अशोक कुमार
First Published:23-04-12 08:51 PM
अक्षय तृतीया पर जौहरियों को सोने का कारोबार सौ करोड़ रुपये पार होने की उम्मीद है। दीवाली पर धनतेरस के बाद अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। शहर के सर्राफा बाजार निवेशकों और आम उपभोक्ताओं के लिए सज-धजकर तैयार हो गए हैं।
हिन्दुओं के 18 महापुराणों में से एक भविष्य पुराण के मुताबिक बैशाख माह के तीसरे दिन को अक्षय तृतीया माना गया है। इसदिन त्रेता युग का प्रारंभ होना माना गया है। इस दिन किए गए कार्यो का फल अक्षय रहता है। इसलिए अक्षय तृतीया को पूरे दिन शुभ मुहूर्त बना रहता है। इस बार पचास साल बाद अनोखा शुभ मुहूर्त बना है। इस दिन सोना खरीदने की पुरानी परंपरा है। लोगों में अक्षय तृतीया के प्रति लोगों में खासा उत्साह है। इसी उत्साह के मद्देनजर कारोबारियों ने मंगलवार के लिए स्वर्ण बिक्री के पुख्ता इंतजाम किए हैं। निवेशक इस दिन सोने में निवेश करने का मन बना चुके हैं। उन्हें लगता है कि इस दिन किया गया निवेश उन्हें अधिक लाभ देगा। हालांकि कारोबारिया अभी हाल ही में सोने के भाव में उछाल की उम्मीद नहीं है। शहर के सर्राफा बाजारों में जाैहरियों ने ग्राहकों के लिए सोना खरीद के बेहतर इंतजाम किए हैं। उन्हें उम्मीद है कि सोना-चांदी से बने उपहारों के अलावा सोने की गिन्नी और डिजाइनदार आभूषण लोगों को पसंद आएंगे। महिलाएं आधुनिक डिजाइन के आभूषण सर्राफा दुकानों में देखेंगी। इसमें बैंक और पोस्ट ऑफिस भी पीछे नहीं रहना चाहते उन्होंने भी सोने के सिक्के बेचने के लिए प्रचार शुरू किया हुआ है। बिक्री बढ़ाने के लिए बैंकों ने दो फीसदी छूट दी है तो डाकघरों ने भी चार से छह फीसदी तक छूट देने का प्रावधान किया है। कुछ बैंक व कंपनियों ने सोने को किश्तों पर खरीदने की स्कीम शुरू की है। इससे आम लोगों की सोना खरीदने की ख्वाहिश पूरी हो जाएगी। ज्वैलर्स भी ऐसे ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए तरह-तरह की छूट दे रहे हैं। तीस हजार रुपये की खरीद से ही स्कीम शुरू हो जाती है।
कारोबारियों के मुताबिक बीते साल अक्षया तृतीया पर शहर में करीब नब्बे करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था। इस साल यह बिक्री बढ़ेगी और बीते साल के मुकाबले इस साल सोने का भाव भी अधिक हैं, इसके चलते इसदिन कारोबार सौ करोड़ रुपये पार होने की उम्मीद है। सोने मे ंनिवेश को लेकर लोगों की मानसिकता बदल रही है। अब वे जमीन या शेयर मार्केट में निवेश करने के बजाए सोना खरीदना पसंद करते हैं। जमीन में निवेश की प्रक्रिया लंबी है और इसमें धोखधड़ी होने की आशंका भी अधिक बनी रहती है। ऐसा ही हाल निवेशक शेयर बाजार का भी बताते हैं कि कब कोई घटना हो जाए और मार्केट नीचे चला जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है। जबकि सोना हमेश खरा बना रहता है।
अक्षय तृतीय का महत्व
भविष्य पुराण के मुताबिक इस दिन सुबह उठकर स्नान के बाद भगवान विष्णू-लक्ष्मी की पूजा करने का प्रावधान है। अक्षया तृतीया का व्रत रखना और इस दिन दान पुण्य करना महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन बिना कोई पंचाग देखे कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य यथा गृह प्रवेश, विवाह संस्कार, वस्त्र-आभूषणों की खरीद, घर-भूखंड की खरीदारी की जा सकती है। ज्योतिषाचार्य पंडित यतिन गौड़ का कहना है कि इस दिन को निवेश के लिए भी अच्छा माना जाता है। इन दिन जो शुभ कार्य होते हैं उनका फल अक्षय रहता है। इस दिन सोना खरीदने और दान करने की परंपरा है। इस दिन पूजा करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और पूजा का अक्षय फल देते हैं। धर्म ग्रंथों के मुताबिक पचास साल बाद इस बार अक्षय तृतीया पर विशेष योग बना है। पचास साल बाद अक्षय तृतीया रोहिणी नक्षत्र में पड़ रही है। रोहिणी नक्षत्र सुबह 6.40 बजे बजे शुरू होगा, जो पूरे दिन रहेगा। इससे पहले कृतिका नक्षत्र रहेगा। इसमें पूजा पाठ करने का विशेष लाभ है।
भविष्य पुराण के मुताबिक इस दिन सुबह उठकर स्नान के बाद भगवान विष्णू-लक्ष्मी की पूजा करने का प्रावधान है। अक्षया तृतीया का व्रत रखना और इस दिन दान पुण्य करना महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन बिना कोई पंचाग देखे कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य यथा गृह प्रवेश, विवाह संस्कार, वस्त्र-आभूषणों की खरीद, घर-भूखंड की खरीदारी की जा सकती है। ज्योतिषाचार्य पंडित यतिन गौड़ का कहना है कि इस दिन को निवेश के लिए भी अच्छा माना जाता है। इन दिन जो शुभ कार्य होते हैं उनका फल अक्षय रहता है। इस दिन सोना खरीदने और दान करने की परंपरा है। इस दिन पूजा करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और पूजा का अक्षय फल देते हैं। धर्म ग्रंथों के मुताबिक पचास साल बाद इस बार अक्षय तृतीया पर विशेष योग बना है। पचास साल बाद अक्षय तृतीया रोहिणी नक्षत्र में पड़ रही है। रोहिणी नक्षत्र सुबह 6.40 बजे बजे शुरू होगा, जो पूरे दिन रहेगा। इससे पहले कृतिका नक्षत्र रहेगा। इसमें पूजा पाठ करने का विशेष लाभ है।
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