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राजद-माले कार्यकर्ताओं ने किया कलेक्ट्रेट पर हमला
First Published:02-05-12 11:25 PM
औरंगाबाद। संवाद सूत्र
हसपुरा के मुखिया की हत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे राजद और भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर जमकर बवाल काटा और लगभग चार घंटे तक स्थिति अनियंत्रित बनी रही । इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने दंगा निरोधी वाहन सहित तीन गाडिम्यां जला दीं और दर्जनों गाडिम्यों को क्षतिग्रस्त कर दिया। कलेक्ट्रेट पर जमकर पथराव किया जिससे एसडीपीओ, सिविल एसडीओ सहित लगभग 40 पुलिसकर्मी घाायल हो गए। पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर नियंत्रण के लिए 30 चक्र गोलियां चलानी पड़ी तब जाकर स्थिति नियंत्रण में आई। जिला प्रशासन ने जिला मुख्यालय की सभी सड़कों को सील कर दिया और शहर में निषेधाज्ञा लगाते हुए बाजार बंद करा दिया। बवाल को लेकर भाकपा माले के पूर्व विधायक राजा राम सिंह सहित 17 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। हसपुरा के मुखिया देवेन्द्र कुमार की गत 29 मार्च को हुई हत्या के विरोध में माले और राजद ने बुधवार को धरना व प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। इसी आलोक में बुधवार की सुबह दोनों दलों के नेता और कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे। जुलूस में शामिल लोग कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर जाने की जिद पर अड़े थे जबकि गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी केवल वरिष्ठ नेताओं को कलेक्ट्रेट में जाकर ज्ञापन देने की अनुमति दे रहे थे। इसको लेकर विवाद बढ़ता गया और प्रदर्शनकारियों की झड़प पुलिस से हो गयी जिसके बाद लोगों पथराव शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी पथराव भी करेंगे यह आशंका पुलिस को नहीं थी जिससे वे इसके लिए पहले से तैयार नहीं थे। एकाएक पथराव के बाद कुछ पल के लिए पुलिस कर्मी पीछे हट गए। इससे प्रदर्शनकारियों का मनोबल बढ़ गया जिससे उग्र लोगों ने जमकर उत्पात मचाना शुरू कर दिया। कलेक्ट्रेट के बाहर खड़ी गाडिम्यों को निशाना बनाया गया और एक स्कार्पियो, दो सूमो तथा दर्जनों मोटरसाइकिलें तोड़ डाली । पास से गुजरते सदर बीडीओ भी प्रदर्शनकारियों के हत्थे चढ़ गए । बीडीओ तो जीप से कूदकर बच निकलने में सफल हो गए लेकिन उनके ड्राइवर को पकडक़र लोगों ने बुरी तरह पीट दिया व उनकी सरकारी गाड़ी में आग लगा दी। प्रदर्शनारियों ने पुलिस के दंगा निरोधक वाहन में भी आग लगा दी। कलेक्ट्रेट के बाहर लगी किसी व्यक्ति की निजी स्कार्पियो गाड़ी को भी जला दिया । कलेक्ट्रेट के बाहर स्थित पटेल पुस्तकालय को भी क्षतिग्रस्त करने की कोशिश की गई। इसी बीच कलेक्ट्रेट में मौजूद एसडीपीओ संजय कुमार और एसडीओ के.डी प्रोज्जवल के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट में मौजूद गिने-चुने सुरक्षा गार्ड व कलेक्ट्रेट के कर्मचारी प्रदर्शनकारियों का सामना करते रहे। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस की ओर से टीयर गैस के गोले दागे गए और लगभग 30 चक्र गोलियां हवा में चलाई गईं पर इसके बाद भी स्थिति नियंत्रित नहीं हुई। लगभग डेढ़ घंटे तक चले राजद-माले कार्यकर्ताओं के तांडव को तब नियंत्रित किया जा सका जब स्वयं एसपी डा. सिद्धार्थ अतिरिक्त पुलिस बल के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और मोर्चा संभाल लिया । इस बीच दंगाइयों के पथराव में एसडीपीओ और एसडीओ सहित 40 से ज्यादा पुलिस कर्मी घायल हो गए जिनमें सात की हालत गंभीर है। गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को इलाज के लिए बाहर रेफर किया गया है। बवाल के बाद पूर्व विधायक राजाराम सिंह सहित 17 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। डीएम अभय कुमार सिंह और एसपी डा. सिद्धार्थ ने घटना के बाद संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि घटनास्थल से बम के अवशेष और एक कारतूस मिला है जिससे प्रतीत होता है कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं का कलेक्ट्रेट पर हमला सुनियोजित था। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए शहर की सभी सड़कें सील कर दी गईं और शहर में निषेधाज्ञा लगाते हुए सभी दुकानों को प्रशासन ने बंद करा दिया।
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