प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और उनके बेटे के शव मिले
29 मई तक मुंबई पुलिस की हिरासत में रहेंगे मयप्पन कर्नाटक में एस आर पाटिल मंत्रीपरिषद में हुए शामिल यरवदा जेल में कैदी संख्या 16656 बने हैं संजय दत्त पाकिस्तान में स्कूल बस में आग, 17 बच्चों की मौत कश्मीर में LOC के नजदीक गोलीबारी, ब्रिगेडियर घायल दिल्ली में गर्मी से राहत नहीं, तपिश से लोग बेहाल शुक्र, बृहस्पति और बुध करेंगे अनोखा खगोलीय मिलन शुक्र, बृहस्पति और बुध करेंगे अनोखा खगोलीय मिलन बोस्टन बम धमाके पर गीत लिखने वाले रैपर को जेल
देवसंस्कृति विवि को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली
देहरादून, एजेंसी
First Published:01-05-12 05:02 PM
पवित्र नगरी हरिद्वार में स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय को वर्ल्डवाइड एक्रीडीशन ऑफ योग आर्गनाइजेशन से मान्यता मिल गयी है, जिसके चलते अब यह विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी प्रतिष्ठा बढ़ गयी है। विश्वविद्यालय के कुलपति डा चिन्मय पांडया ने आज बताया कि इस सिलसिले में विश्वविद्यालय की ओर से उन्होंने गत दिनों एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये हैं। इस मान्यता के बाद अब योग के क्षेत्र में संस्थान चलाने वाले इच्छुक संगठनों को इस विश्वविद्यालय में भी पंजीयन कराना होगा।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय को योग के क्षेत्र में कार्य कर रहे दुनिया के पांच शीर्ष संस्थानों मे चार्टर्ड सदस्य के रूप में भी शामिल किया गया है। इस कदम से भारत ने अब सनातन ऋषि परम्परा को साकार करने की दिशा में एक कदम और आगे बढाया है। डा पांडया ने बताया कि अभी तक योग संस्थानों को ही मान्यता मिलती थी, लेकिन विश्वविद्यालय स्तर पर इस मुकाम को हासिल करने वाला देवसंस्कृति विश्वविद्यालय देश का पहला विश्वविद्यालय है। उन्होंने बताया कि देश में जो भी योग संस्थान योग प्रशिक्षण का कार्यक्रम चला रहे हैं, उन्हें अब दुनिया के पांच शीर्ष संस्थानों में से एक इस विश्वविद्यालय से सम्बद्ध होने में सुविधा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय को योग के क्षेत्र में कार्य कर रहे दुनिया के पांच शीर्ष संस्थानों मे चार्टर्ड सदस्य के रूप में भी शामिल किया गया है। इस कदम से भारत ने अब सनातन ऋषि परम्परा को साकार करने की दिशा में एक कदम और आगे बढाया है। डा पांडया ने बताया कि अभी तक योग संस्थानों को ही मान्यता मिलती थी, लेकिन विश्वविद्यालय स्तर पर इस मुकाम को हासिल करने वाला देवसंस्कृति विश्वविद्यालय देश का पहला विश्वविद्यालय है। उन्होंने बताया कि देश में जो भी योग संस्थान योग प्रशिक्षण का कार्यक्रम चला रहे हैं, उन्हें अब दुनिया के पांच शीर्ष संस्थानों में से एक इस विश्वविद्यालय से सम्बद्ध होने में सुविधा मिलेगी।
10

टिप्पणियाँ
स्थानीय ख़बरें
एन सी आर
पंजाब
उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें
आज का मौसम राशिफल



ई-मेल
